Vitamin-D: विटामिन डी की मात्रा को कैसे बढ़ाएं? अपनाएं ये घरेलू उपाय
Edited By Nancy Tomar

Vitamin-D
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Vitamin-D: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली की कारण लोग अक्सर अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं। शरीर को कई पोषक तत्वों की जरुरत होती है, जिसमें से एक है विटामिन डी। शरीर के लिए विटामिन डी बहुत जरुरी होता है और इससे ना सिर्फ वायरस से बचाने में मदद मिलती है बल्कि ये कई फायदे भी देती है।
विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती है और थकान, आलस और चिड़चिड़ापन भी आपको परेशान कर सकता है। इससे आप जल्दी-जल्दी बीमार भी पड़ सकते हैं। इसलिए आपको खान-पान और कुछ बातों का ध्यान रखते हुए विटामिन डी की कमी को उचित मात्रा में रखना जरुरी होता है।
दरअसल, विटामिन डी एक नहीं बल्कि कई जरुरी काम करता है। इनमें सबसे ज्यादा जरूरी कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण को विनियमित करना होता है। हड्डियों और दांतों की सामान्य वृद्धि और विकास के लिए विटामिन डी का भरपूर मात्रा में रहना बहुत जरुरी होता है।
साथ ही हड्डियों, मसल्स और लिगामेंट्स की मजबूती के लिए भी इसका होना बहुत जरुरी होता है। सूजन और इन्फेक्शन से बचाने के लिए, कैंसर की रोकने में मदद के लिए, किडनी, लंग्स, लिवर और हार्ट की बीमारियों की आशंका कम करने के लिए भी विटामिन डी का होना बेहद जरुरी होता है।
हर रोज व्यायाम करने से विटामिन डी में बढोतरी होती है। अपने लाइफस्टाइल में प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने से शरीर कई तरह की परेशानियों से दूर रहता है। साथ ही कई गंभीर बीमारियों से भी निजात मिलती है। शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन डी का होना जरुरी होता है, जिससे शरीर स्वस्थ रह सकें।
शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सूरज की रोशनी भी एक बेहतर ऑप्शन है। सूरज की रोशनी बहुत कम समय में ही विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकती है। हालांकि बहुत अधिक सूरज की रोशनी से बचना चाहिए, नहीं तो ये त्वचा कैंसर के करीब ले जा सकती है।
विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन डी-रिच फूड्स का सेवन भी एक बेहतर ऑप्शन है। इसके लिए अंडे की जर्दी, वसायुक्त मछली और समुद्री भोजन सबसे अच्छे खाद्य स्रोतों में से हैं। साथ ही मशरूम, अमरंथ, रागी, सोयाबीन, करी पत्ता, तिल के बीज भी विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए बेहतर ऑप्शन है।
मैग्नीशियम विटामिन डी को सक्रिय करने में मदद करता है, जो हड्डियों के विकास और रखरखाव को प्रभावित करने के लिए कैल्शियम और फॉस्फेट होमियोस्टैसिस को विनियमित करने में मदद करता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मैग्नीशियम की सही मात्रा का सेवन किया जाए।
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