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पाकिस्तान की एक बार फिर उड़ी खिल्ली! ट्रायल में टारगेट भेद नहीं पाई तैमूर मिसाइल, वीडियो वायरल

तैमूर मिसाइल की बात करें तो इसे ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस (GIDS) और एयर वेपन्स कॉम्प्लेक्स ने बनाया है, जो 1200 किलो वजनी सबसॉनिक मिसाइल है. इसमें इनर्शियल नेविगेशन, जीपीएस, टेरेन मैपिंग और इंफ्रारेड सीकर हैं.

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तकनीक और सैन्य ताकत के मामले में भारत से खुद की तुलना करने वाले पाकिस्तान की एक बार फिर से दुनिया के सामने पोल खुल गई है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बड़ा झटका खाने के बाद से ही पाकिस्तान अपनी सेना को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने में लगी हुई है. इसी सिलसिले में पाकिस्तान वायुसेना ने 3 जनवरी को अपनी स्वदेशी तैमूर एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल का फ्लाइट टेस्ट किया, जिसे राष्ट्रीय गौरव तक बताया गया था. हालांकि ट्रायल के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से अब पाकिस्तान की खिल्ली उड़ रही है.

पाकिस्तान के दावों की खुली पोल


ISPR ने दावा किया कि तैमूर मिसाइल दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसे बिना 600 किमी दूर से ही टारगेट को भेद सकती है. मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिसकी वजह से रडार भी इसे नहीं पकड़ पाता. हालांकि वीडियो में इस दावे की पोल खुल गई और मिसाइल अपने टारगेट से चूक गई. लोग ट्रोल कर रहे हैं कि भारत की स्कैल्प का जवाब देने निकली थी पाकिस्तान की मिसाइल, खुद ही फिसल गई.

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वायरल वीडियो ने उड़ाई खिल्ली


सीनियर PAF अफसरों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मौजूदगी में हुआ परिक्षण फेल होने के बाद भी पाकिस्तान के नेता और अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और PM शहबाज शरीफ ने तो बधाई तक दे डाली, दावा किया कि ये ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाएगा. उधर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मीम्स की बाढ़ आ गई, लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान की मिसाइलें हमेशा भारत को टारगेट करती हैं, लेकिन खुद को ही भेद लेती हैं.

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भारत से कब सीख लेगा पाकिस्तान?


गौरतलब है कि दक्षिण एशिया में हथियारों की होड़ तेज हो रही है, जहां भारत ब्रह्मोस और प्रलय जैसी मिसाइलों से आगे है, जबकि पाकिस्तान का ये ‘सफल’ टेस्ट अब मजाक बन चुका है. तैमूर मिसाइल की बात करें तो इसे ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस (GIDS) और एयर वेपन्स कॉम्प्लेक्स ने बनाया है, जो 1200 किलो वजनी सबसॉनिक मिसाइल है. इसमें इनर्शियल नेविगेशन, जीपीएस, टेरेन मैपिंग और इंफ्रारेड सीकर हैं, जो जमीन-समुद्र दोनों पर प्रिसाइज स्ट्राइक दे सकती है.

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First published on: Jan 04, 2026 09:50 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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