Unique Moving Walkway: हांगकांग चीन देश का एक बड़ा शहर है. यहां पर लोगों को दफ्तर जाने के लिए खुद नहीं चलना पड़ता है बल्कि, यहां पर सड़क चलती हैं. इंसान को रास्ता खुद-ब-खुद आपको मंजिल तक ले जाता है. यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन हांगकांग में ऐसा ही होता है. हांगकांग में लोग सड़क पर खड़े हो जाते हैं और सड़क चलती रहती है. हांगकांग के लोगों का जीवन इसी तरह चलता है. यहां पर आउटडोर कवर्ड एस्केलेटर सिस्टम है. इस शहर में लोग इसे शहर की लाइफलाइन कहते हैं.
800 मीटर लंबे एस्केलेटर
हांगकांग में 800 मीटर तक लंबे एस्केलेटर हैं. इनके ऊपर खड़े होने के बाद इंसान अपनी मंजिल पर पहुंच सकता है. यह रास्ते लोगों को हांगकांग सेंट्रल से उठाकर मिड-लेवल महंगे रिहायशी इलाके की पहाड़ियों तक पहुंचाते हैं. हांगकांग में इस तरह से एस्केलेटर और वॉकवे का आइडिया 1980 के दशक में आया जब लोगों को पहाड़ी ढलानों पर नीचे उतरने में परेशानी होती थी. सड़कों का जाम खत्म करने और लोगों की सुविधा के लिए इस तरह की व्यवस्ता की गई.
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चलती सड़कों से होता है फायदा
लोगों को इन चलती सड़कों की वजह से बहुत ही फायदा होता है. पैदल चलते समय लोग थक जाते है लेकिन इससे एनर्जी बचती है. इन सड़कों के कारण हांगकांग की ट्रैफिक जाम की समस्या का खात्मा भी हो गया. इससे सड़कों पर दबाव कम हुआ. पहाड़ पर चढ़ने और उतरने के समय समय अधिक लगता था इससे लोगों का समय बचता है. एस्केलेटर लगने से आसपास के इलाकों का विकास हुआ. अब इन रास्तों के आसपास रेस्टोरेंट और दुकानें खुल गई हैं जो पर्यटन केंद्र बन गया है.
‘चलती सड़क’ का अनोखा राज
हांगकांग शहर में इन चलती सड़क का नजारा देखने लायक होता है. लोग सुविधा के साथ इनके ऊपर खड़े होकर अपना रास्ता तय करते हैं. यह सड़के लोगों की सुविधा के अनुसार, दोनों दिशाओं में चलती हैं. सुबह जल लोगों का काम पर जाने का समय होता है तो यह रास्ते सुबह 6 बजे से 10 बजे तक ऊपर से नीचे की ओर चलते हैं. इसके बाद सुबह 10 बजे से लेकर रात तक यह नीचे से ऊपर की दिशा में चलते हैं. इससे लोगों को काम पर जाने और दफ्तर से वापस घर जाने में सुविधा होती है.
Unique Moving Walkway: हांगकांग चीन देश का एक बड़ा शहर है. यहां पर लोगों को दफ्तर जाने के लिए खुद नहीं चलना पड़ता है बल्कि, यहां पर सड़क चलती हैं. इंसान को रास्ता खुद-ब-खुद आपको मंजिल तक ले जाता है. यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन हांगकांग में ऐसा ही होता है. हांगकांग में लोग सड़क पर खड़े हो जाते हैं और सड़क चलती रहती है. हांगकांग के लोगों का जीवन इसी तरह चलता है. यहां पर आउटडोर कवर्ड एस्केलेटर सिस्टम है. इस शहर में लोग इसे शहर की लाइफलाइन कहते हैं.
800 मीटर लंबे एस्केलेटर
हांगकांग में 800 मीटर तक लंबे एस्केलेटर हैं. इनके ऊपर खड़े होने के बाद इंसान अपनी मंजिल पर पहुंच सकता है. यह रास्ते लोगों को हांगकांग सेंट्रल से उठाकर मिड-लेवल महंगे रिहायशी इलाके की पहाड़ियों तक पहुंचाते हैं. हांगकांग में इस तरह से एस्केलेटर और वॉकवे का आइडिया 1980 के दशक में आया जब लोगों को पहाड़ी ढलानों पर नीचे उतरने में परेशानी होती थी. सड़कों का जाम खत्म करने और लोगों की सुविधा के लिए इस तरह की व्यवस्ता की गई.
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चलती सड़कों से होता है फायदा
लोगों को इन चलती सड़कों की वजह से बहुत ही फायदा होता है. पैदल चलते समय लोग थक जाते है लेकिन इससे एनर्जी बचती है. इन सड़कों के कारण हांगकांग की ट्रैफिक जाम की समस्या का खात्मा भी हो गया. इससे सड़कों पर दबाव कम हुआ. पहाड़ पर चढ़ने और उतरने के समय समय अधिक लगता था इससे लोगों का समय बचता है. एस्केलेटर लगने से आसपास के इलाकों का विकास हुआ. अब इन रास्तों के आसपास रेस्टोरेंट और दुकानें खुल गई हैं जो पर्यटन केंद्र बन गया है.
‘चलती सड़क’ का अनोखा राज
हांगकांग शहर में इन चलती सड़क का नजारा देखने लायक होता है. लोग सुविधा के साथ इनके ऊपर खड़े होकर अपना रास्ता तय करते हैं. यह सड़के लोगों की सुविधा के अनुसार, दोनों दिशाओं में चलती हैं. सुबह जल लोगों का काम पर जाने का समय होता है तो यह रास्ते सुबह 6 बजे से 10 बजे तक ऊपर से नीचे की ओर चलते हैं. इसके बाद सुबह 10 बजे से लेकर रात तक यह नीचे से ऊपर की दिशा में चलते हैं. इससे लोगों को काम पर जाने और दफ्तर से वापस घर जाने में सुविधा होती है.