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तो क्या पहली ‘मुस्लिम टीचर फातिमा शेख’ कभी थी ही नहीं? सोशल मीडिया पर दावे से मची खलबली

Fatima Sheikh: देश की पहली मुस्लिम महिला शिक्षक के तौर पर फातिमा शेख का नाम लिया जाता है। लेकिन उनको लेकर दावा किया जा रहा है कि वह केवल एक काल्पनिक कहानी हैं।

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Edited By : Shabnaz Updated: Jan 10, 2025 08:06
Fatima Sheikh

Fatima Sheikh: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में मीडिया सलाहकार दिलीप मंडल के एक दावे से सोशल मीडिया पर खलबली मच गई। दरअसल, उन्होंने देश की पहली मुस्लिम महिला शिक्षक के तौर पर जानी जाने वाली फातिमा शेख को लेकर एक दावा शेयर किया है। जिसमें कहा गया कि इस तरह की कोई महिला अस्तित्व में थी ही नहीं। इस दावे के बाद यूजर्स ने कई ट्वीट उनको सबूत दिखाने के लिए किए हैं।

कौन हैं दिलीप मंडल?

दिलीप मंडल जोकि लेखक, एक्टिविस्ट और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में मीडिया सलाहकार को तौर पर काम करते हैं। उन्होंने गुरुवार को यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया कि फातिमा शेख का कोई अस्तित्व था ही नहीं।

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उन्होने लिखा कि ‘फातिमा शेख के टीचर होने का कोई सबूत नहीं है, न था। यह कई हजार साल पहले की बात तो है नहीं। डेढ़ सौ साल पहले इतनी महान महिला, वह भी मुस्लिम समाज में, जिनकी साक्षरता आज भी भारत में सबसे कम है, अगर वह होती तो सर सैय्यद अहमद से ज्यादा उनके बारे में लिखा गया होता।’

कौन हैं फातिमा शेख

9 जनवरी 1831 को फातिमा शेख का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। फातिमा शेख को पहली मुस्लिम महिला टीचर के तौर पर लोग याद करते हैं। दरअसल, उन्होंने सावित्रीबाई फुले के साथ लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के लिए स्कूल खोलने के प्लान में उनके साथ फातिमा के भाई उस्मान शेख भी थे।

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के सामने आने के बाद यूजर्स ने भी काफी कमेंट किए एक ने सबूत देने के लिए एक किताब को शेयर करते हुए लिखा, देख लो मंडल साहब।

First published on: Jan 10, 2025 08:06 AM

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