तो क्या मिल गया अलादीन का असली चिराग! 'जादू' देख चकरा जाएगा माथा

Kolkata, West Bengal : वायरल वीडियो को लेकर लोगों का कहना है कि ये अलादीन का चिराग है, जिसकी शक्ति भी वीडियो में दिखाई दे रही है लेकिन इस वीडियो को लेकर जानकारों का क्या कहना है, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

Aladeen Chirag
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Kolkata, West Bengal : (अमर देव पासवान) किस्से, कहानियों में अलादीन के चिराग के बारे में आपने जरूर सुना होगा। अलादीन के चिराग की शक्तियों की खूब चर्चा की जाती है लेकिन इस वक्त पश्चिम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि अलादीन का चिराग मिल गया है और वीडियो में उसकी शक्तियों को भी देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कागज पर 4/3/23 और रात के आठ बजे लिखा हुआ है। यह लिखकर बताया गया है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि रूम में अंधेरा है और एक चिराग के चारों तरफ मोमबत्ती जल रही है।

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शुरुआत में मोमबत्ती धीरे-धीरे जलती दिखाई दे रही है लेकिन कुछ देर बाद मोमबत्ती की लौ अचानक चिराग की तरफ बढ़ने लगी और जलने की रफ्तार भी तेज हो गई। अब वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उसी चिराग में बंद जिन्न का प्रभाव है।


वीडियो में देखा जा सकता है कि मोमबत्ती की लौ तेज हो रही है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि मोमबत्ती की लौ को कोई चिराग के अंदर से खींच रहा है या कोई चिराग की तरफ लौ को धकेल रहा है। इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं लेकिन हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि News24 किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है।

वीडियो कहां बनाया गया, किसने बनवाया और इसके पीछे का मकसद क्या है, इसकी कोई जानकारी नहीं है लेकिन तांत्रिक दावा कर रहे हैं कि कि यह अलादीन का चिराग है, लौ को अचानक से तेज कर अपनी ओर खींचने की शक्ति सिर्फ उसी के पास है। तांत्रिक का मानना है कि यह चिराग किसी के हाथ लग जाए तो उसकी किस्मत बदल सकती है। हालांकि इसकी सच्चाई कुछ और ही है।

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क्या कहते हैं जानकार?

पश्चिम बंगाल में पुराने सामानों की खरीददारी करने वालों ने बताया कि ये कोई अलादीन का चिराग नहीं बल्कि अष्टधातु का बना चिराग है, जो ईस्ट इंडिया कंपनी के समय का है। उस समय के बने अष्टधातु के सिक्के, लैम्प, सहित कई अन्य सामान थे, जिनमें से एक यह भी हो सकता है।

जानकारी बोले- ‘लोगों को ठगने का तरीका है ये’

वहीं विज्ञान मंच के राज्य सदस्य किन्गसूक मुखर्जी कहते हैं कि यह सब लोगों को बेवकूफ बनाने व उनसे ठगने के लिए सोची समझी साजिश है। ये कैमिकल की मदद से विभिन्न प्रकार के दृश्य को दिखाकर लोगों को ठगने का काम करते हैं, ऐसे ठगों से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा, औरों को भी जागरूक करना होगा।

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ऐसी शक्तियां दिखाकर लोग भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं और फिर उनके साथ ठगी करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

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