नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे AI Impact Summit में इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियां किसी बड़ी टेक कंपनी के दिग्गज ने नहीं, बल्कि 8 साल के एक बच्चे ने बटोरीं. रणवीर सिंह सचदेवा नाम का यह नन्हा प्रतिभाशाली बच्चा जब मंच पर कीनोट स्पीकर के तौर पर पहुंचा, तो हॉल में बैठे विशेषज्ञ भी हैरान रह गए.
2017 में जन्मे रणवीर कम उम्र में ही टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. उन्हें चाइल्ड प्रोडिजी के तौर पर जाना जाता है. इससे पहले भी वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रख चुके हैं. AI for Good Global Summit और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन से जुड़े कार्यक्रमों में भी वे शामिल रह चुके हैं.
AI Impact Summit में रणवीर ने भारतीय दर्शन और आधुनिक तकनीक के मेल, इंडियन AI मॉडल और भारत में AI साक्षरता जैसे विषयों पर अपनी बात रखी. उनका कहना है कि अगर सही दिशा में काम हो, तो भारत एआई के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि उनका प्रस्तावित AI मॉडल देश की जीडीपी और डिजिटल समझ को मजबूत कर सकता है.
#WATCH | Delhi: At #IndiaAIImpactSummit2026, Ranvir Sachdeva, Child Prodigy, Technologist, Global Author says, "I'm here as the youngest keynote speaker at the India AI Impact Summit. I'm talking about how I'm linking ancient Indian philosophies to modern-day technologies. I'm… pic.twitter.com/e3OGgtxyDK
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) February 19, 2026
रणवीर का नाम इससे पहले तब चर्चा में आया था, जब वे बेहद कम उम्र में Apple Swift प्रोग्रामर बनने वालों में शामिल हुए. Apple के सीईओ ने उन्हें कंपनी के कैलिफोर्निया स्थित मुख्यालय में आयोजित इवेंट के लिए आमंत्रित भी किया था. इसके अलावा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी उन्हें AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बोलने के लिए बुलाया था. वे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा ले चुके हैं.
सोशल मीडिया पर अब रणवीर के भाषण की क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं. लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक बच्चे की उपलब्धि नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर है, जहां प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं. AI Impact Summit में उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया है कि अगर सीखने की चाह और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं.
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