एक ऐसा परिवार, जहां नई नवेली दुल्हन की काम करते-करते टूट जाती है कमर, ये रही वजह

महाराष्ट्र: घर के बड़े युवाओं को हमेशा ज्वाइंट फैमिली के फायदे गिनाते नहीं थकते हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर में एक ज्वाइंट फैमिली ऐसी है जिसमें 10 से 20 नहीं कुल 72 लोग एक साथ एक छत के नीचे रहते हैं।इतने सारे लोगों के लिए रोजाना 10 लीटर दूध और 1200 रुपये की सब्जी लगती है। […]

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महाराष्ट्र: घर के बड़े युवाओं को हमेशा ज्वाइंट फैमिली के फायदे गिनाते नहीं थकते हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर में एक ज्वाइंट फैमिली ऐसी है जिसमें 10 से 20 नहीं कुल 72 लोग एक साथ एक छत के नीचे रहते हैं।

इतने सारे लोगों के लिए रोजाना 10 लीटर दूध और 1200 रुपये की सब्जी लगती है। परिवार में शादी होने के बाद आने वाली नई दुल्हन शुरू में इतनी अधिक संख्या में लोगों को देख डर जाती हैं। हालांकि घर की महिलाओं का कहना है कि धीरे-धीरे अब उन्हें इसकी आदत हो गई है। फिलहाल इस परिवार के सोशल मीडिया पर काफी चर्चें हैं।

100 साल से सोलापुर में रह रहा 

यह दोईजोडे परिवार पिछले 100 साल से सोलापुर में रह रहा है। वह कर्नाटक से यहां आए थे। पेशे से व्यापारी इस परिवार की चार पीढ़ियां यहां एक साथ रहती हैं। दरअसल, इस परिवार की जानकारी ट्विटर पर @Ananth_IRAS यूजर ने शेयर की है। जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वैसे इस परिवार की एक वीडियो को BBC ने बनाया है।

चार गुना अधिक खर्च

वीडियो के मुताबिक परिवार के एक सदस्य अश्विन दोईजोडे कहते हैं- ‘हमारा इतना बड़ा परिवार है कि हमें सुबह और शाम मिलाकर 10 लीटर दूध की जरूरत होती है। हर दिन खाने में लगभग 1200 रुपये की सब्जियां लग जाती हैं. नॉनवेज खाना इससे तीन से चार गुना अधिक महंगा पड़ता है.’।

बहुओं को चिंता

परिवार की बहू नैना दोईजोडे कहती हैं- इस परिवार में पैदा हुए और पले-बढ़े लोग आसानी से रहते हैं लेकिन जो महिलाएं इसमें शादी कर आई हैं, उन्हें शुरू में थोड़ा मुश्किल होती है। शुरुआत में मुझे इस परिवार के संदस्यों की संख्या से डर लगता था। लेकिन सबने मेरी मदद की मेरी सास, बहन और देवर ने मुझे घर में एडजस्ट करने में मदद की। अब सबकुछ सामान्य है.

 

First published on: Nov 17, 2022 06:51 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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