Wednesday, September 28, 2022
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Lucknow News: जल्द स्थापित होगी 111 फुट की लक्ष्मण प्रतिमा, ₹47 करोड़ मंजूर, संग्रहालय भी बनेगा

सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना के लिए एनओसी देने में देरी से अधिकारी परेशान हैं। सिंचाई विभाग की ओर से दावा है कि मूर्ति का प्रस्तावित स्थान बाढ़ क्षेत्र में स्थित है। अब बड़ी जिम्मेदारी मेयर को सौंपी गई है।

Lucknow News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जल्द ही प्रभु श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण की 111 फीट की प्रतिमा (111 ft Laxman Statue) स्थापित होने वाली है। इसके लिए लखनऊ नगर निगम ने काम तेज कर दिया है। लखनऊ नगर निगम (Lucknow Municipal Corporation) की कार्यकारी समिति ने रविवार को इस बारे में एक बैठक की। परियोजना के लिए एनओसी देने में सिंचाई विभाग की ओर से की जा रही देरी पर नाराजगी जताई। साथ ही लक्ष्मण प्रतिमा परियोजना (Laxman Statue Project) के लिए ₹47.11 करोड़ के बजट को मंजूरी दी।

प्रतिमा के साथ ही आसपास होगा विकास

लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मंजूर की गई कुल राशि में से 15.20 करोड़ रुपये प्रतिमा पर खर्च किए जाएंगे। जबकि 29.21 करोड़ रुपये प्रतिमा के आसपास के स्थान को विकसित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं। यहां एक संग्रहालय भी बनाए जाने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि बाकी राशि यहां एक बगीचा बनाने और मूर्ति के चारों ओर सौंदर्यीकरण के कार्यों पर खर्च की जानी है। यह परियोजना गोमती नदी के तट पर प्रस्तावित है।

छह जून को सिंचाई विभाग को भेजा गया था पत्र

बता दें कि एलएमसी ने 6 जून को एक पत्र के माध्यम से सिंचाई विभाग से एनओसी मांगी थी। हालांकि एनओसी को रोक दिया गया है, क्योंकि विभाग ने कहा है कि एलएमसी जिस जगह पर मूर्ति स्थापित करना चाहती है, वह बाढ़ क्षेत्र है। कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि एनओसी में देरी करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न करने के लिए ही जाने जाते हैं। रविवार को एलएमसी की कार्यकारिणी समिति ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी रोष जताया गया।

लखनऊ की मेयर सीएम के सामने उठाएंगी मुद्दा

एलएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि कार्यकारी समिति ने अब लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया को परियोजना में देरी के मुद्दे को सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने उठाने का काम सौंपा है। एलएमसी के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने कहा कि 6 जून को सिंचाई विभाग को एनओसी के लिए पत्र भेजा था, लेकिन महीनों के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है। कार्यकारी समिति के सदस्य और गुरु गोविंद सिंह वार्ड नगरसेवक श्रवण नायक ने कहा कि सिंचाई विभाग गोमती रिवर फ्रंट के विकास का विरोध कभी नहीं किया था, लेकिन लक्ष्मण जी की मूर्ति स्थापित करने में विरोध हो रहा है।

बाढ़ क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण प्रतिबंधित हैः सिंचाई विभाग

कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग सत्यप्रिया ने कहा कि निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाना है। विभाग की तरफ से सिर्फ इतना ही कहना है कि फिलहाल एलएमसी को लक्ष्मण प्रतिमा स्थापना के लिए एनओसी नहीं दी गई है। 3 फरवरी 1992 के शासनादेश के अनुसार जिस स्थान पर परियोजना प्रस्तावित है, वह बाढ़ क्षेत्र के रूप में चिह्नित है। इस क्षेत्र में कोई भी निर्माण निषिद्ध है। एलएमसी ने पहले गोमती के तट पर झूलेलाल वाटिका के पास भगवान लक्ष्मण की मूर्ति की स्थापना को मंजूरी दी थी। उसने लक्ष्मण टीला के सामने मूर्ति स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा था, लेकिन कुछ मुस्लिम नगरसेवकों की आपत्तियों के कारण प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया था।

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