UP में लाखों सरकारी कर्मचारियों की अटक सकती है सैलरी? IAS, PCS पर भी संकट

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक आदेश जारी किया था जिसमें उनकी चल अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा गया था। कुछ कर्मचारियों ने ही इस आदेश को मानते हुए ब्यौरा दिया है, लेकिन इसके बाद भी लाखों कर्मचारियों की सैलरी पर तलवार लटकी है।

UP News

UP News: उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है। जिसकी जानकारी UP में कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज ने दी है। देवराज ने मुख्य सचिव की तरफ से जारी किए एक आदेश को सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव , सचिव के साथ-साथ विभागाध्यक्षों और दफ्तरों के अध्यक्षों को भेज दिया है। ये पूरा मामला सरकारी कर्मचारियों की चल अचल संपत्तियों का ब्यौरा से जुड़ा है। ये ब्यौरा देने के लिए यूपी सरकार ने एक आदेश दिया था, जिसके बाद कुछ प्रतीशत लोगों ने ही अपना ब्यौरा दिया है जिसके चलते आने वाली सैलरी रोकी जा सकती है।

विज्ञापन

मानव संपदा पोर्टल पर अभी तक 26 प्रतिशत लोगों ने जानकारी दी है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह साफ कर दिया है कि 31 अगस्त तक अगर सभी ने ब्यौरा नहीं दिया तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। यानी 31 अगस्त तक पोर्टल पर जानकारी भरना जरूरी है।

विज्ञापन

कितने लोगों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा?

जानकारी के मुताबिक, इस वक्त उत्तर प्रदेश में 17 लाख 88,429 सरकारी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। जिसमें से अभी तक 26 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही संपत्ति का ब्यौरा भर दिया है। इसके लिए 31 अगस्त तक की लास्ट डेट दे दी गई है। इस डेट तक ब्यौरा ना देने वाले कर्मचारी की सैलरी नहीं दी जाएगी। इस लिस्ट में IAS, PCS जैसे अधिकारी भी शामिल होंगे।

विज्ञापन

अगर कर्मचारियों ने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति की जानकारी नहीं दी तो केल उसकी सैलरी ही नहीं रोकी जाएगी, बल्कि प्रमोशन पर भी रोक सकती है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ