नोएडा में बनने वाले भव्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सपना अब हकीकत बनने के और करीब है, लेकिन इस विकास की राह में कई परिवारों को अपनी जमीन छोड़नी होगी। जिन खेतों में कभी अन्न लहलहाता था, वहां अब हवाई पट्टी बनेगी। हजारों किसानों के लिए यह समय मुश्किल भरा है एक तरफ अपनों की पुश्तैनी जमीन खोने का दर्द तो दूसरी तरफ बेहतर भविष्य की उम्मीद। इसी बीच कुछ लोग अवैध निर्माण कर मुआवजा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे प्रशासन रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। अब देखना होगा कि यह बदलाव कितनों के लिए सौभाग्य लाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और जिला प्रशासन नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने जा रहा है। इस चरण में कुल 2,053 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है जो 14 गांवों में फैली हुई है। हालांकि कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने अवैध निर्माण कर लिए हैं ताकि वे मुआवजे के पात्र बन सकें। प्रशासन का कहना है कि ऐसे सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा और जमीन को अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस की सहायता
YEIDA के विशेष कार्याधिकारी (OSD) शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस बल की सहायता ली जाएगी। अब तक 100 से अधिक जमीन मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ के आदेश भी प्राप्त कर लिए गए हैं। प्रशासन द्वारा चार टीमें गठित की गई हैं जो जेवर तहसील के अलग-अलग गांवों में जाकर अवैध निर्माण की पहचान करेंगी और उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगी। इन टीमों द्वारा नीमका, थोरा, बनवारी बास, मुकिमपुर शिवारा, किशोरपुर और रामनेर जैसे गांवों में अभियान चलाया जाएगा।
100 से अधिक अवैध निर्माणों पर जारी हुए नोटिस
शुरुआती योजना के मुताबिक, गुरुवार को कुछ गांवों में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होनी थी लेकिन अचानक आई दिक्कतों की वजह से इसे टाल दिया गया। हालांकि प्रशासन ने सोमवार से ही 100 से ज्यादा निर्माण कार्यों को रोकने के लिए नोटिस भेजने शुरू कर दिए थे। जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया है उन्हें खुद ही इसे हटाने के लिए कहा गया है। अगर वे ऐसा नहीं करते तो प्रशासन खुद कार्रवाई करके निर्माण गिराएगा।
किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
एयरपोर्ट परियोजना के तीसरे और चौथे चरण में करीब 9,500 किसानों को अपनी जमीन छोड़नी पड़ेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। खाली जमीन के लिए तय दरों पर भुगतान होगा जबकि पक्के निर्माण के लिए अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। इसी वजह से कुछ किसान जल्दी-जल्दी अवैध निर्माण कर रहे हैं ताकि उन्हें ज्यादा मुआवजा मिल सके। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं और अब किसी भी नए अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया है।