रिश्ता शर्मसार...जिसने 9 महीने कोख में रखा, आखिरी समय में उसे लावारिस छोड़ा, मौत होने पर शव छोड़ भागा

 Son Absconds Leaving Dead Mother Hospital मां बीमार हुई तो अस्पताल में तो भर्ती करा दिया, लेकिन देखरेख करने के नाम अपनी जिम्मेदारियों से भागता नजर आया। मिलने भी नही आता था। जब मां की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो बेटा उसे मरने के लिए अस्पताल में ही छोड़कर भाग गया। 

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Son Absconds Leaving Dead Mother Hospital: यूपी के लखनऊ में मां-बेटे के रिश्ते के रिश्ते को तार-तार कर देने का मामला सामने आया है। जहां मां ने अपनी कोख में नौ महीने रखकर बेटे को जन्म दिया। पाल पोसकर उसे बड़ा किया, मां के बुढ़ापे में उसी बेटे ने मुंह मोड़ लिया। मां बीमार हुई तो अस्पताल में तो भर्ती करा दिया, लेकिन देखरेख करने के नाम अपनी जिम्मेदारियों से भागता नजर आया। मिलने भी नही आता था।

जब मां की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो बेटा उसे मरने के लिए अस्पताल में ही छोड़कर भाग गया।  बेटे का इंतजार करते-करते मां की मौत भी हो गई। महिला की मौत की खबर अस्पताल प्रशासन ने  पुलिस को दी। कृष्णानगर पुलिस जब अस्पताल में दर्ज महिला के बेटे के पते पर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला।

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महिला के बेटे को मोबाइल फोन बंद मिला

पुलिस ने बताया कि उन्होने जब  महिला के बेटे को मोबाइल फोन मिलाया तो वह भी बंद मिला। जिसके बाद इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने इंसानियत दिखाई और बेटे की तरह महिला का अंतिम संस्कार किया। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि 14 अक्तूबर की शाम आशियाना सेक्टर-एफ निवासी मीनू देवी (65) को इलाज के लिए बेटे राजेश साहू ने लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया। लो ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारी से ग्रसित मीनू ने देर शाम दम तोड़ दिया। लईया-चना का ठेला लगाने वाले राजेश को डॉक्टरों ने मां की मौत होने की जानकारी दी। यह सुनते ही राजेश अस्पताल से चला गया । डॉक्टरों ने राजेश का मोबाइल नम्बर मिलाया तो वह स्विच ऑफ मिला।

मौत के दो दिन बाद किया अंतिम संस्कार

हरदोई निवासी मृतक महिला का बेटा राजेश साहू लईया चना का ठेला लगाता है। चार साल से वह लखनऊ के सेक्टर-एफ में किराए पर रह रहा था। मीनू देवी की तबियत बिगडने  पर राजेश ने उन्हे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। 14 अक्तूबर की रात मीनू देवी की मौत होने के बाद राजेश भाग निकला। कृष्णानगर कोतवाली से सिपाही अस्पताल में दर्ज राजेश के मकान पर पहुंचे। जहां मकान मालिक ने यह जानकारी दी। दो दिन तक सिपाही राजेश को तलाशने का प्रयास करते रहे। उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। वहीं, हरदोई में राजेश कहां रहता है, इस बात की जानकारी मकान मालिक भी नहीं दे सके। नौ माह तक कोख में पलने वाले बेटे के मुंह मोड़ने पर मीनू देवी के शव की अंतिम यात्रा इंस्पेक्टर ने अपने कंधों पर निकालकर टीम के साथ मुखाग्नि दी।

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