Bharat Jodo Nyay Yatra in Uttar Pradesh : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का ब्रेक लगेगा। प्रशासन ने परीक्षाओं का हवाला देकर 20 फरवरी के बाद यात्रा की अनुमति से इनकार कर दिया है। जिससे यह यात्रा मुस्लिम बहुल मुरादाबाद, संभल, रामपुर संसदीय क्षेत्र से गुजरने के स्थान पर अमेठी, लखनऊ, कानपुर, झांसी होते हुए मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। सवाल ये है कि क्या कांग्रेस के रणनीतिकारों ने यात्रा रूट निर्धारित करते समय उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षाओं का ध्यान क्यों नहीं रखा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खामियों के चलते ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने में नाकाम हो रही है।
राहुल गांधी की न्याय यात्रा दूसरे चरण में हिंदी भाषी झारखंड, बिहार के रास्ते 16 फरवरी को चंदौली के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल होनी थी। उत्तर प्रदेश में तकरीबन 11 दिनों में इस यात्रा को 20 जिलों से गुजरना था। आरोप प्रत्यारोपों के साथ बढ़ रहे सपा-कांग्रेस गठबंधन की भी इस यात्रा में हिस्सेदारी होनी थी। सपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव रायबरेली में इस यात्रा में शामिल होने की बात कही थी। लेकिन अब यूपी के जिलाधिकारियों ने 22 फरवरी से शुरू होने जा रही माध्यमिक शिक्षा परिषद ( यूपी बोर्ड) के मददेनजर राहुल गांधी की न्याय यात्रा को अनुमति देने से इंकार कर दिया है।
क्यों नहीं रखा परीक्षाओं का ध्यान
यह स्थापित नियम है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के दौरान निषेधाज्ञा यानी धारा-144 लागू रहती है। किसी तरह के जुलूस को इजाजत नहीं दी जाती। राजनीति को गहराई से समझने वाले राजनीतिक विशेषज्ञ राजेंद्र गौतम का कहना है कि कांग्रेस के रणनीतिकारों की ऐसी चूकों के चलते ही वह भाजपा से हर मोर्चे पर मात खा रहे हैं। क्या कांग्रेस को यह नहीं पता था कि बोर्ड की परीक्षाएं घोषित हो चुकी हैं। जिससे रूट का निर्धारण करते समय तिथियों का ध्यान रखा जाता। वह जोड़ते हैं कि यूपी में पहले ही कांग्रेस जनाधारविहीन हो गई है। उसके कई पदाधिकारी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा के साथ गलबहियां कर रहे हैं। राजनीति में अगर नेता का इंटेलिजेंस काम नहीं कर रहा है तो सफलता का प्रतिशत वैसे ही कम हो जाता है।
कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु दीक्षित इसे अपने अंदाज में परिभाषित करते हुए कहते हैं कि राहुल गांधी ने बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखकर न्याय यात्रा का समय घटा दिया है। अब यह यात्रा 21 फरवरी को झांसी के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाएगी। वह कहते हैं कि राहुल गांधी ने इससे पहले भी कोरोना काल में संवेदनशीलता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल में अपनी रैलियां रद की थी।
भारत जोड़ो न्याय यात्रा नया रूट
कांग्रेस के मुताबिक अब राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 16 फरवरी को वाराणसी के रास्ते यूपी में प्रवेश करेगी। भदोही, प्रयागराज, प्रतापगढ़ होते हुये 19 फरवरी को कभी काग्रेस का गढ़ रहे अमेठी संसदीय क्षेत्र में प्रवेश करेगी। इस संसदीय क्षेत्र की विधानसभा गौरीगंज में राहुल एक जनसभा को संबोधित करेंगे। 20 फरवरी को यात्रा रायबरेली पहुंचेगी, जिसमें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी हिस्सा लेंगे। इसी दिन यह यात्रा लखनऊ पहुंच जाएगी। रात्रि विश्राम के बाद यात्रा 21 फरवरी को उन्नाव, कानपुर, हमीरपुर होते हुए 21 फरवरी को ही मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाएगी।