Operation Trinetra: उत्तर प्रदेश में अपराधी जरा संभल जाएं, क्योंकि प्रदेश पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र लॉन्च कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत पूरे राज्य में प्रमुख मार्गों, होटलों, ढाबों, स्कूल, बैंक आदि पर करीब 3.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे अपराध और अपराधी दोनों पर लगाम लगेगी। डीजीपी विजय कुमार ने ऑपरेशन की सफलता के बारे में बताया है।
इसलिए पकड़े गए अपराधी
डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत अब तक हमने 3,50,000 कैमरे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपराधी वारदात के बाद या वारदात से पहले कैमरे में कैद हो जाता है तो उसे पकड़ना काफी आसान हो जाता है। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कई मामलों को 24-36 घंटों के भीतर सुलझा लिया गया, क्योंकि घटना कैमरे में कैद हो गई। इशके बाद पुलिस ने अतिरिक्त सर्विलांस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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3.5 लाख कैमरे नहीं, 3.5 लाख पीकेट कहेंगे
डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि किसी पुलिस वाले की एक जगह पर 24 घंटे ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। सिपाही आठ घंटे की ड्यूटी करेगा, लेकिन कैमरा 24 घंटे ड्यूटी करता है। डीजीपी ने कहा कि एक तरह से हम कह सकते हैं कि हमले 3.5 लाख कैमरे नहीं, बल्कि 3.5 लाख पीकेट लगाई हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे।
सीसीटीवी कैमरों से खुली इतनी घटनाएं
एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया हया है कि इसी साल 10 जुलाई से लेकर 24 अगस्त यानी आज तक पूरे प्रदेश के करीब 1.90 लाख स्थानों पर 3.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 52 डकैतियां, 17 हत्या के मामले, 12 किडनैपिंग केस समेत कई मामले सिर्फ सीसीटीवी कैमरों से ही खुले हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=jO3SGDIRxsk
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Operation Trinetra: उत्तर प्रदेश में अपराधी जरा संभल जाएं, क्योंकि प्रदेश पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र लॉन्च कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत पूरे राज्य में प्रमुख मार्गों, होटलों, ढाबों, स्कूल, बैंक आदि पर करीब 3.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे अपराध और अपराधी दोनों पर लगाम लगेगी। डीजीपी विजय कुमार ने ऑपरेशन की सफलता के बारे में बताया है।
इसलिए पकड़े गए अपराधी
डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि ऑपरेशन ‘त्रिनेत्र’ के तहत अब तक हमने 3,50,000 कैमरे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपराधी वारदात के बाद या वारदात से पहले कैमरे में कैद हो जाता है तो उसे पकड़ना काफी आसान हो जाता है। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कई मामलों को 24-36 घंटों के भीतर सुलझा लिया गया, क्योंकि घटना कैमरे में कैद हो गई। इशके बाद पुलिस ने अतिरिक्त सर्विलांस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
3.5 लाख कैमरे नहीं, 3.5 लाख पीकेट कहेंगे
डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि किसी पुलिस वाले की एक जगह पर 24 घंटे ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। सिपाही आठ घंटे की ड्यूटी करेगा, लेकिन कैमरा 24 घंटे ड्यूटी करता है। डीजीपी ने कहा कि एक तरह से हम कह सकते हैं कि हमले 3.5 लाख कैमरे नहीं, बल्कि 3.5 लाख पीकेट लगाई हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे।
सीसीटीवी कैमरों से खुली इतनी घटनाएं
एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया हया है कि इसी साल 10 जुलाई से लेकर 24 अगस्त यानी आज तक पूरे प्रदेश के करीब 1.90 लाख स्थानों पर 3.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 52 डकैतियां, 17 हत्या के मामले, 12 किडनैपिंग केस समेत कई मामले सिर्फ सीसीटीवी कैमरों से ही खुले हैं।
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