Encounter in UP: योगी सरकार के 6 साल के कार्यकाल में कितने एनकाउंटर? जानें मंडल वाइज पूरा ब्योरा
Edited By Naresh Chaudhary

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Encounter in UP: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार को हुए अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम के एनकाउंटर के बाद योगी के शासन काल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग एनकाउंट, हैशटैग असद अहमद, हैशटैग यूपी पुलिस ट्रेंड कर रहा है। एक रिपोर्ट की मानें तो योगी के छह साल के कार्यकाल में करीब 11 हजार एनकाउंटर हुए हैं।
यूपी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि अतीक अहमद के बेटे असद और उनके सहयोगी के एनकाउंटर के बाद सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक बैठक की। बैठक में सीएम योगी ने यूपी एसटीएफ के साथ डीजीपी, स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर और पूरी टीम की तारीफ की। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने मुठभेड़ की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस पूरे मामले पर सीएम के सामने रिपोर्ट रखी गई।
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एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाले उत्तर प्रदेश प्रशासन के छह वर्षों में मुठभेड़ों का एक चौंकाने वाला इतिहास रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने घोषणा की कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के छह वर्षों में 10,713 मुठभेड़ों में 5,967 अपराधियों को पकड़ा है।
यूपी सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में गुरुवार को कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही राज्य की बागडोर संभाली, राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार करना उनकी प्राथमिकता बन गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक 10,713 एनकाउंटर हो चुके हैं।
इनमें सबसे अधिक 3,152 एनकाउंटर मेरठ पुलिस की ओर से किए गए हैं। इसमें 63 अपराधी मारे गए थे और 1,708 गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद आगरा पुलिस ने 1,844 मुठभेड़ों को अंजाम दिया, जिसमें 14 खूंखार अपराधी मारे गए और 4,654 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 55 पुलिस कर्मी घायल हुए।
साथ ही कहा गया है कि योगी सरकार ने यूपी की कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के लिए माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की नीति अपनाई है। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि बरेली डिवीजन के तहत, पिछले छह वर्षों में 1,497 मुठभेड़ हुई, जिसमें 3,410 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि सात मारे गए और 437 घायल हुए।
यूपी सरकार की ओर से कहा गया है कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मुठभेड़ यूपी पुलिस की शीर्ष रणनीति थी। यूपी ने अपराध पर अंकुश लगाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया। मुठभेड़ों ने अपराधियों में भय पैदा किया है, जिसके बाद वे राज्य से भागने लगे हैं।
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