Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश को बहुत जल्द नए एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने वाली है। मेरठ और प्रयागराज के बीच जल्द गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होगा। इसके बाद दोनों जिलों के बीच 12 घंटे का सफर घटकर 6 घंटे का रह जाएगा। इस मार्ग की कुल लंबाई 594 किलोमीटर होगी। यह परियोजना यात्रियों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। इससे कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह एक्सप्रेसवे मेरठ में नेशनल हाईवे-334 को नेशनल हाईवे-2 से कनेक्ट करेगा।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ जिले के बिजोली गांव से शुरू होगा, जो प्रयागराज जिले के जूडापुर दांडू गांव तक जाएगा। मेरठ से शुरू होकर ये एक्सप्रेसवे उन्नाव, संभल, बदायूं, तिलहर, रायबरेली, हापुड़, चंदौसी, स्याना से होते हुए प्रयागराज जाएगा। ये मार्ग सिक्स लेन है, जो मई तक शुरू होने की संभावना है। उससे उत्तर प्रदेश में सफर करने वाले यात्रियों को फायदा होगा। टूरिज्म के तौर पर भी गंगा एक्सप्रेसवे को बेहतर माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के सूत्रों के मुताबिक मई तक इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही एजेंसी आईटीडी सीमेंटेशन के अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर जगहों पर काम पूरा कर लिया गया है। रायबरेली जिले के अलावा प्रयागराज और प्रतापगढ़ जिले में मिट्टी की कमी से काम में कुछ विलंब हुआ था। पिछले साल बारिश की वजह से भी काम में दिक्कतें आई थीं। इसके बाद दिसंबर 2024 में काम में तेजी लाई गई थी।
30 जिलों से गुजरेंगे 3 एक्सप्रेसवे
यूपीईआईडीए के सूत्रों के मुताबिक यूपी में कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार काम कर रही है। 3 और नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना सरकार ने बनाई है। इनमें विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। तीनों एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यूपी के लगभग 30 जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
तीनों एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अगले महीने सलाहकार कंपनी के चयन की तैयारी की गई है। यह सलाहकार कंपनी रूट का सर्वे करने का काम करेगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा। रूट निर्धारण और जमीन अधिग्रहण होने के बाद योजना को शुरू करने के लिए डेवलपर का चयन होगा। इसके बाद ही एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम शुरू होगा।