New Delhi Stampede Case: (प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली) राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ के मामले में हाई कोर्ट ने भारतीय रेलवे से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है, इस पर अधिकारियों को विचार करने की जरूरत है? हाई कोर्ट ने रेलवे एक्ट को पूरी तरह लागू करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी। हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता ने कहा कि रेलवे स्टेशनों और बोगियों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन किए जाने की जरूरत है। इसलिए रेलवे को आदेश जारी किए जाएं। याचिकाकर्ता ने कहा कि यह आम लोगों के जीवन का सवाल है।
इसलिए रेलवे अधिनियम की धारा-57 के तहत नियम लागू किए जाएं। याचिकाकर्ता ने कहा कि क्या भारतीय रेलवे के पास आकलन करने की व्यवस्था नहीं है कि हादसे के समय स्टेशन पर कितने लोग मौजूद थे? दिल्ली हाई कोर्ट ने रेलवे से पूछा कि अतिरिक्त टिकट क्यों बेचे जा रहे थे। हाई कोर्ट ने हादसे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
बता दें कि बोगियों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए धारा 147 का प्रावधान है। इसका उल्लंघन करने पर 1 हजार रुपये का जुर्माना भी हो सकता है। अदालत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कोच में यात्रियों की संख्या सीमित करने और बिना अनुमति प्रवेश देने वालों को दंडित करने और नियमों को लागू करने के लिए आप क्या कदम उठाएंगे। हाई कोर्ट ने कहा कि हादसे के दिन भीड़ को कंट्रोल करने के लिए उपाय लागू किए जा सकते थे, लेकिन भीड़ को कंट्रोल करने के प्रयास नहीं किए गए।