CGST Inspectors Protest : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सीजीएसटी के इंस्पेक्टरों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने विभागीय पदोन्नति को लेकर काले बैज पहनकर अपना विरोध जताया है। उनका आरोप है कि पिछले 7 सालों से लखनऊ जोन में आने वाले इंस्पेक्टरों का प्रमोशन रुका हुआ है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को 16 कैडर कंट्रोल जोन में विभाजित किया गया है। हर जोन में इंस्पेक्टरों के खाली पदों को भरने के लिए दो विकल्प होते हैं। पहला- डायरेक्ट भर्ती, जिसके लिए स्टाफ सलेक्शन कमीशन (SSC) की ओर से ऑल इंडिया एग्जाम आयोजित कराया जाता है। दूसरे विकल्प में मिनिस्ट्रियल कैडर से प्रमोशन देकर पदों को भरा जाता है। इसके लिए वरिष्ठता के आधार पर लिस्ट बनती है और फिर उन्हें अधीक्षक के पद पर प्रमोशन मिलता है।
गलत तरीके से हुई थीं 382 पदोन्नतियां
सीजीएसटी इंस्पेक्टरों का आरोप है कि लखनऊ जोन में साल 2007 से लेकर 2011 तक मिनिस्ट्रियल कैडर के तहत 382 अवैध पदोन्नतियां की गई थीं। इसे लेकर सीबीआईसी ने साल 2016 में लखनऊ जोन को एक पत्र लिखा था और इन खामियों को दूर करने के लिए कहा था। करीब 5 साल के बाद लखनऊ जोन ने फरवरी 2021 में अपनी गलतियों को सुधारा था।
लखनऊ जोन में प्रमोशन की प्रक्रिया रुकी
लखनऊ जोन में 2017 यानी करीब 7 साल से अधीक्षक के पदों पर प्रमोशन नहीं हुआ, जबकि दूसरे जोन में प्रमोशन की प्रक्रिया चल रही है। दूसरे जोन के कई जूनियर्स प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर और अधीक्षक बन गए हैं। दूसरे जोन में 2014 के एसएससी बैच तक के डायरेक्ट इंस्पेक्टरों को प्रमोशन मिल चुका है, लेकिन लखनऊ जोन में 2003 एसएससी बैच के डायरेक्ट इंस्पेक्टरों को अभी तक पदोन्नति नहीं मिली है। लखनऊ जोन में अधीक्षकों के 400 से अधिक पद खाली हैं, लेकिन अभी तक प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।