'हमें कुछ मदद नहीं, बस आपका आशीर्वाद ही चाहिए...', नेताजी के नन्हे प्रशंसक को अखिलेश ने सैफई बुलाया
Edited By Naresh Chaudhary

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Saifai News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की अंत्येष्ठी वाले दिन उनके अंतिम दर्शन के लिए महाराजगंज जिले से अकेले ही चल देने वाले नन्हे प्रशंसक के लिए शनिवार का दिन जिंदगी में सबसे बड़े तौहफे से कम नहीं नहीं था। बच्चे का वीडियो वायरल होने के बाद खुद अखिलेश यादव ने उन्हें सैफई बुलाया। मुलाकात की और आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की बात की। वहीं नन्हे प्रशंसक ने हाजिर जवाब देते हुए कहा कि उसे कुछ नहीं चाहिए, अब आशीर्वाद चाहिए।
बता दें कि 11 अक्टूबर को सैफई में मुलायम सिंह यादव की अंत्येष्ठी के मौके पर अंतिम दर्शन के समय लाखों की भीड़ जुटी थी। इसी बीच 10 साल के श्यामलाल यादव उर्फ नवरतन ने भी नेताजी के अंतिम दर्शन की ठान ली। सैफई से करीब 525 किमी दूर महाराजगंज से वह अकेला ही निकल पड़ा, लेकिन रास्ता भटकने के कारण कानपुर पहुंच गया। जहां जीआरपी ने उसे रोक लिया। जब बच्चे से जानकारी की गई तो उसने बताया कि वह सपा का स्टार प्रचारक है। नेताजी अब इस दुनिया में नहीं रहे, उनके अंतिम दर्शन करने के लिए जा रहा था। बच्चे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
Etawah, UP | A video of a child who ran away from home to pay his respects to late Mulayam Singh Yadav went viral. Our chief Akhilesh Yadav respected his wishes. He has also called this child again after few days, has said he will support the child's studies: Former MLA KK Singh pic.twitter.com/ExLBHf6iJT
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 15, 2022
10 साल का श्यामलाल यादव महाराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के गांव मल्हनी फुलवरिया का रहने वाला है। मंगलवार को उसने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन का समाचार सुना। वह शोकाकुल हो उठा। मन में नेताजी के अंतिम दर्शन की इच्छा जागी। बस फिर क्या था, घर से अकेला ही निकल पड़ा। महाराजगंज से ट्रेन पकड़ी। गोरखपुर उतर गया। यहां से उसे इटावा जाना था, लेकिन रास्ता भटक कर कानपुर पहुंच गया। यहां जीआरपी की बालक पर नजर पड़ गई।
पुलिस कर्मियों ने उसे ट्रेन से उतार लिया। थाने में आराम से बैठाया। इसके बाद उससे आने-जाने के बारे में पूछा। जब बालक ने बोलना शुरू किया तो पुलिस भी हैरान रह गई। बालक ने तुतलाते हुए पुलिस अधिकारी के सवालों का जवाब दिया। अपना नाम श्यामलाल यादव बताते हुए विधानसभा क्षेत्र समेत घर का पूरा सही-सही पता बताया। इसके बाद कहा, ‘हमको पता चला कि मुलायम सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। इसलिए हम उनके अंतिम दर्शन के लिए निकल लिए। हम सही से कपड़ा भी नहीं पहने।
इसके बाद पुलिस अधिकारी ने पूछा कि अब कहां जाओगे। तो बालक ने कहा, मन कर रहा था जाने के लिए, लेकिन हम उनसे मिल नहीं पाए, हमें गलत रास्ता बता दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने कहा कि अखिलेश यादव से मिलोगे, तो बालक ने कहा कि घर वालों को पता चल गया। वो परेशान हो रहे हैं। हम सपा के स्टार प्रचारक हैं। हमने काफी प्रचार किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए श्यामलाल के वीडियो का अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया। अखिलेश ने नौतनवा के पूर्व विधायक कुंवर कौशल सिंह से बच्चे को सैफई लाने के लिए कहा। शनिवार को पूर्व विधायक और अन्य नेता श्यामलाल को लेकर पहुंचे। अखिलेश यादव ने जब श्यामलाल से परिवार के बारे में पूछा तो पता चला कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस पर अखिलेश यादव ने मदद की पेशकश की, लेकिन तभी श्यामलाल ने कहा कि वह यहां सिर्फ नेताजी को श्रद्धांजलि देने आया है, किसी मदद के लिए नहीं आया।
श्यामलाल ने कहा कि उसके लिए बस आपका आशीर्वाद काफी है। श्यामलाल की बातों ने अखिलेश यादव को जीत लिया। इसके बाद अखिलेश ने अपने परिवार वालों से बच्चे को मिलवाया। इसके बाद अखिलेश यादव के भाई तेजप्रताप ने श्यामलाल को अपने साथ भोजन कराया। इस दौरान सैफई में श्यामलाल ने शिवपाल यादव और सचिन पायलट से भी मुलाकात की। सभी ने एक बच्चे के नेताजी के प्रति लगाव की सराहना की।
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