Jaipur News: प्रशासन गांवों के संग अभियान 2023: 'आपसी समझाइश के जरिए लंबित प्रकरणों का करें समाधान'- राजस्व मंत्री
Edited By Rakesh Choudhary

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Jaipur News: राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने 24 अप्रैल से शुरू होने जा रहे प्रशासन गांवों के संग अभियान 2023 को लेकर शुक्रवार को वीसी के जरिए जिला कलेक्टरों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। राजस्व मंत्री ने कहा कि शिविरों में आपसी समझाइश से निपटाए जा सकने वाले राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।
राजस्व मंत्री ने विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार करने वाले कार्मिकों से जनहित में अपने निर्णय पर पुनर्विचार की अपील की। उन्होंने कहा कि इन कार्मिकों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं तथा शेष मुद्दों पर जिला कलेक्टरों को इन कार्मिकों से वार्ता कर अभियान को सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए। राजस्व मंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टरों को इन कैंपों में स्वयं जाकर गंभीर प्रकृति के मामलों को निपटाने का प्रयास करना चाहिए।
राजस्व मंत्री ने छितराई हुई जमीन पर बने मकानों का पट्टा जारी करने के दौरान बीच की खाली भूमि को सुविधा क्षेत्र के रूप में चिन्हित करने के निर्देश दिए ताकि कॉलोनी के नियमन में परेशानी नहीं हो।
उन्होंने रास्ते के विवादों को निपटाने पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसे मामलों में तहसीलदार यदि स्वयं जाकर मौका देख लेंगे तो स्थगन लेने की गुंजाइश कम हो जाएगी और मामले जल्द सुलझ जाएंगे। इसी प्रकार राजस्व मंत्री ने चारागाह भूमि से जुड़े प्रकरणों को चारागाह पॉलिसी के अनुसार निपटाकर आमजन को राहत देने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जमीन के बदले जमीन के अंतर्गत मामलों को तेजी से निस्तारित करने पर चर्चा की गई। राजस्व मंत्री ने कहा कि नियमानुसार भू-आवंटन करने में अधिकारियों को संकोच नहीं करना चाहिए। भू-आवंटन समिति के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए निर्धारित मापदंडों के आधार पर पट्टा जारी करने में झिझकने की आवश्यकता नहीं है।
समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व मंत्री ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां कहीं भी कार्मिकों की कमी हैए वहां स्थानांतरण के माध्यम से अविलंब व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद पहले भी प्रशासन गांवों के संग अभियान ने सफलता के नये आयाम रचे हैं। इस बार भी इन्हें पूरी तरह सफल बनाना है।
राजस्व मंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न धर्मों के अंतिम संस्कार स्थल हर गांव में होने चाहिए। शिविर में इसकी मांग होने पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें। उन्होंने कहा कि घुमंतू-अर्द्धघुमंतू जातियों के अंतिम संस्कार स्थलों के प्रकरण जनहित में प्राथमिकता से निस्तारित किए जाने चाहिए। उन्होंने कुआं नियमन, नाम दुरूस्तीकरण, गैर खातेदारी से खातेदारी में परिवर्तन के मामलों को भी शिविर में प्राथमिकता से निपटाने पर बल दिया।
समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने शिविरों की समुचित ढंग से मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि चारागाह भूमि के आवंटन में पहली प्राथमिकता स्कूल-कॉलेज, अस्पताल जैसी जनसुविधाओं को दी जानी चाहिए। उन्होंने कार्य बहिष्कार की चेतावनी देने वाले कार्मिकों को शिविरों में सहयोग करने को कहा।
उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे इन कार्मिकों से संवाद स्थापित करने की पहल करें। उन्होंने सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त करवाकर उसका चिह्निकरण करवाने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 24 अप्रैल से 30 जून, 2023 तक चलने वाले अभियान में 23 विभागों की सहभागिता होगी। इनमें राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, कृषि, जनजाति क्षेत्रीय विकास, ऊर्जा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सैनिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयोजना, पशुपालन, श्रम, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, शिक्षा, सार्वजनिक निर्माण, सहकारिता, राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन लिमिटेड, वन, जल संसाधन, परिवहन तथा कला एवं संस्कृति विभाग सहभागी हैं।
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