लोन को लेकर परेशान कर रहा था बैंक, घरवालों को खिलाई 'दवाई', खुद भी खाई, 3 की मौत

Rajasthan News: कर्ज के बोझ से परेशान एक शख्स ने आखिरकार अपने परिवार समेत मौत का रास्ता चुन लिया। इस शख्स ने सोमवार की रात घरवालों को एक दवा खिलाई और खुद भी खाई।

Police

Representative Image (Pixabay)

Bikaner News :  कर्ज को लेकर बैंक की ओर से बनाए जा रहे दबाव को लेकर राजस्थान के बीकानेर में एक ही परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली है। जान गंवाने वाले लोगों में 7 साल की एक बच्ची भी शामिल है। घटना मंगलवार की है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस परिवार ने बैंक से 60 लाख रुपये का लोन लिया था और इसे लेकर बैंक कर्मियों की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

विज्ञापन

इंस्पेक्टर जनरल ओम प्रकाश पासवान ने बताया कि राहुल मारू, उसकी पत्नी रुचि और बेटी के शव मंगलवार को उनके घर के कमरे में मिले। ये लोग जय नारायण व्यास कॉलोनी में रहते थे। राहुल के 14 वर्षीय बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और पीबीएम अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इनके पास से मिले सुसाइड नोट में इसकी वजह बैंक व अन्य लोगों की ओर से कर्ज व उत्पीड़न को बताया गया है।

विज्ञापन

सोमवार रात घरवालों को दी थी ‘दवाई’

पुलिस के अनुसार राहुल के बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता ने सोमवार रात 10 बजे के आस-पास परिवार के सभी लोगों को दवाई दी थी। उसने कहा कि मैंने भी दवाई ली थी लेकिन रात में पढ़ते समय मुझे उल्टी आ गई थी। इसके बाद मैं सो गया था। सुबह जब आंख खुली तो पापा, मम्मी और बहन बिस्तर पर थे और उनके मुंह से खून निकल रहा था। उसने अपने चाचा-चाची को इसकी जानकारी दगी।

पत्नी की बीमारी को लेकर लिया था कर्ज

जानकारी के अुसार राहुल एक होलसेल की मेडिकल शॉप चलाता था। उसकी पत्नी रुचि को ब्रेन हैमरेज हो गया था। इलाज के लिए उसने बैंक से 60 लाख रुपये का कर्ज लिया था। बाद में कर्ज चुकाने के लिए उसने अपना घर, कार और अन्य चीजें भी बेच डाली थीं, लेकिन फिर भी पूरा कर्ज नहीं चुका पाया था। वसूली करने वाले लोग उसे धमका रहे थे। इन सब से परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठा लिया।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ