Jaipur: पायलट के नई पार्टी बनाने को वेणुगोपाल ने बताया अफवाह, बोले- 'दोनाें नेता एकजुट, राजस्थान में ऐसा माहौल नहीं'
Edited By Rakesh Choudhary

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Jaipur: कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सचिन पायलट को लेकर बड़ा बयान दिया है। वेणुगोपाल ने कहा कि पायलट की नई पार्टी बनाने की बातें केवल अफवाह है। पायलट हमसे लगातार संपर्क में हैं। राजस्थान में इस प्रकार की कोई एक्टिविटी नहीं है। पार्टी में सब नेता एकजुट हैं और मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अफवाहों का जवाब देने का अर्थ नहीं होता है। राजस्थान में इस तरह का माहौल नहीं है।
केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर हुई सुलह बैठक के बाद भी उनकी पायलट से 4 बार बात हो चुकी है। लेकिन इस प्रकार के कोई संकेत नहीं मिले हैं। दोनों नेता एकजुट हैं।
जैसे-जैसे 11 जून नजदीक आ रही है, सचिन पायलट के कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने की चर्चाओं को बल मिल रहा है। खुद पायलट की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा, लेकिन उनके करीबी और कांग्रेस के बड़े नेताओं का मानना है कि अब उन्हें कांग्रेस में ही रहना पड़ेगा, वहीं कांग्रेस के लिए भी पायलट को पार्टी में बनाए रखना बेहद जरूरी है।
खास बात यह है कि पायलट के समर्थक विधायक भी नहीं चाहते कि वे कांग्रेस छोड़ें और न ही गांधी परिवार व सेंट्रल लीडरशिप पायलट का जाना अफॉर्ड कर सकती है। यही वजह है कि कर्नाटक चुनाव के बाद दिल्ली में गहलोत-पायलट का झगड़ा खत्म करने की कवायद तेज हुई है
पायलट समर्थक और नागौर की लाडनूं सीट से विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि ‘गहलोत चाहते हैं कि पायलट पार्टी छोड़कर चले जाएं। हम कहीं नहीं जाएंगे। यहीं रहकर इनकी छाती पर मूंग दलेंगे।’ मंत्री मुरारीलाल मीणा ने कहा कि 11 जून को नई पार्टी की घोषणा को लेकर चल रही चर्चाएं कोरी अफवाह हैं। ऐसा कुछ नहीं है।
बता दें कि वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं होने और आरपीएससी को भंग कर नए सिरे से बनाने तथा पेपर लीक के कारण युवाओं को मुआवजे की मांगों को लेकर पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले जयपुर में 15 अप्रैल को शहीद स्थल पर एक दिन का मौन व्रत रखा था।
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इसके बाद 15 मई अजमेर से जयपुर तक पदयात्रा निकाली थी। जहां रैली करते हुए उन्होंने सरकार को इन तीन मांगों को पूरा करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। लेकिन इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर दोनों नेताओं के बीच सुलह बैठक हुई और हाईकमान ने दावा किया था कि दोनों नेता मिलकर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे।
इस बैठक के 2 दिन बाद अपने विधानसभा के दौरे पर पहुंचे पायलट ने एक बार फिर अपनी 3 मांगें दोहराते हुए कहा कि युवाओं के मामले में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं हो सकता। सरकार को इन 3 मांगों पर कार्रवाई करनी ही पड़ेगी। हालांकि अशोक गहलोत इशारों-इशारों में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इस प्रकार की मांगें मानना असंभव है। हालांकि भ्रष्टाचार के मामले पर उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
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