अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च को महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बच्चियों के लिए श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट ने ‘श्री सिद्धिविनायक भाग्यलक्ष्मी योजना’ शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बच्चियों के लिए उनकी मां के बैंक खाते में 10,000 रुपये की एफडी रखी जाएगी। ट्रस्ट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इस योजना के नियम और शर्तें घोषित की जाएंगी।
इस साल श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की आय में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साल 2024-25 में 114 करोड़ आय होने की उम्मीद थी। लेकिन इसमें 15 प्रतिशत अधिक 133 करोड़ रुपये की आय हुई है। एक अप्रैल 2025 से शुरू हुए आर्थिक वर्ष में श्री सिद्धिविनायक मंदिर को 154 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। मंदिर ट्रस्ट को यह आय श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और लड्डू की बिक्री सहित अन्य साधनों से होती है।
मंदिर ट्रस्ट की हुई थी अहम बैठक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना को लेकर ट्रस्ट ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन जन्म लेने वाली बच्चियों के लिए इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव दिया। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक 31 मार्च को ट्रस्ट के अध्यक्ष सदानंद सरवणकर की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 2024-25 के वार्षिक रिपोर्ट और 2025-26 के बजट पर विस्तार से चर्चा की गई। साल 2024-25 के लिए ट्रस्ट की अनुमानित आय 114 करोड़ रुपये थी, लेकिन यह आय बढ़कर 133 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ट्रस्ट ने अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 154 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य फाइनल किया है।
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