---विज्ञापन---

मुंबई

पुणे पोर्श कांड में बड़ा खुलासा, नाबालिग के पिता और डॉक्टर के बीच 14 बार हुई थी बातचीत, जानें क्यों

Pune Road Accident : महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श हादसे मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुणे पुलिस ने डॉक्टरों की करतूतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। आरोपी के ब्लड सैंपल को बदलने के लिए नाबालिग के पिता और डॉक्टर के बीच 14 बार बातचीत हुई थी।

Author
Edited By : Deepak Pandey Updated: May 29, 2024 08:03
Pune Porsche Crash
पुणे हादसे में बड़ा खुलासा।

Pune Porsche Crash Case : पुणे के बहुचर्चित पोर्श कांड में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी के ब्लड सैंपल बदलने को लेकर नाबालिग के पिता और डॉक्टर के बीच फोन पर 14 बार बातचीत हुई थी। इस मामले में सासून अस्पताल के दो डॉक्टर और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि डॉक्टरों ने ब्लड सैंपल बदलने के लिए नाबालिग के पिता से रिश्वत ली थी।

पुलिस ने एक अदालत को बताया कि सासून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. अजय तावरे ने ब्लड सैंपल लेने के दौरान आरोपी के पिता को 14 बार फोन किया था। इस दौरान उन दोनों के बीच सैंपल को बदलने को लेकर बातचीत हुई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि नाबालिग के सैंपल को डस्टबिन में फेंक दिया गया था और उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति के खून नमूने को जांच के लिए भेजा गया था।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : कैसे हुआ था पुणे हादसा? पोर्श के कैमरे खोलेंगे रईसजादे के राज, गिरफ्तार डॉक्टर की बिगड़ी तबीयत

डॉ. श्रीहरि हल्नोर को मिले थे ढाई लाख रुपये

---विज्ञापन---

इस मामले में पुलिस ने डॉ. अजय तावरे के साथ डॉ. श्रीहरि हल्नोर और अस्पताल की मोर्चरी में काम करने वाले कर्मी अतुल घाटकांबले को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तलाशी के दौरान डॉ. श्रीहरि हल्नोर के पास से 2.5 लाख रुपये और अतुल घाटकांबले के पास से 50,000 रुपये बरामद किए। अब पुलिस जांच कर रही है कि इस मामले में डॉ. अजय तावरे को कितने रुपये मिले थे।

यह भी पढ़ें : पुणे पोर्श हादसे में बड़ा खुलासा, पहले बयान से पलटा था ड्राइवर, फिर पुलिस ने कार चलाने वाले की निकाली सच्चाई

व्हाट्सएप और फेसटाइम पर हुई थी बातचीत

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सासून अस्पताल में 19 मई को सुबह 11 बजे के आसपास नाबालिग के ब्लड सैंपल लिए गए थे। कॉल रिकॉर्ड से पता चला है कि सैंपल लेने से दो घंटे पहले नाबालिग के पिता और डॉ. अजय तावरे के बीच फोन से 14 बार बातचीत हुई थी। ये बातचीत व्हाट्सएप और फेसटाइम पर हुई थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के पिता पहली बार कैसे डॉक्टर से जुड़े थे? क्या दोनों के बीच कोई और भी था, जिसने उनके बीच मध्यस्थता कराई थी।

First published on: May 29, 2024 08:02 AM

End of Article
संबंधित खबरें