Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार से पहले शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि राज्य में कथित तौर पर सड़क घोटाले का मामला सामने आ चुका है। इसमें पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे और दो पूर्व मंत्रियों की संलिप्तता के आरोप हैं। इस वजह से तीनों को मंत्रिमंडल से बाहर रखा जाना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने शिंदे के अलावा दीपक केसरकर और मंगल प्रभात लोढ़ा पर निशाना साधा। ठाकरे ने आरोप लगाया कि ये लोग 12 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल हैं।
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इस बाबत ठाकरे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी एक पोस्ट अपलोड की है। उन्होंने लिखा है कि भाजपा सरकार अगर सड़क घोटाले के मामले में कार्रवाई करने को लेकर गंभीर है तो पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे और शिंदे शासन के संरक्षक दो मंत्रियों (लोढ़ा और केसरकर) को कैबिनेट में नहीं शामिल किया जाना चाहिए। भाजपा लगातार घटिया निर्माण सामग्री को लेकर बोल रही है। एसआईटी जांच की मांग भी की जा रही है। जिससे घोटाले की बात की पुष्टि हो जाती है। यह मुंबई की मेहनत की कमाई थी, जो बर्बाद हो गई। ठेकेदारों और राजनेताओं ने सिर्फ अपनी जेबें गर्म कीं। पिछले दो साल में उनकी पार्टी ने इस स्कैम को उजागर किया, लेकिन भाजपा ने इसके आरोपियों का पक्ष लिया। ठाकरे ने मांग की कि सीएम इस मामले की औपचारिक जांच शुरू करवाएं।
ये है मामला
ये घोटाला कथित तौर पर BMC की 400 KM की सड़क कंक्रीटीकरण परियोजना से जुड़ा है। आदित्य ठाकरे ने इस मामले में पिछले साल जनवरी में आवाज उठाई थी। उन्होंने जांच का आग्रह करते हुए एक लेटर तत्कालीन BMC आयुक्त इकबाल सिंह चहल को लिखा था। लेटर में जिक्र था कि मुंबई में व्यापक बाढ़ आने का अंदेशा है। चहल के पास फिलहाल सीएम ऑफिस में अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी है। ठाकरे ने कहा था कि सड़कों के ठेके 66 फीसदी अधिक लागत पर दिए गए हैं। इनको रद्द किया जाए, बीएमसी का पक्ष भी मामले में सामने आया था। लेकिन इसके बाद भी विपक्ष ने मुद्दा खूब उछाला था। आज शाम को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन नागपुर में होना है। कल से राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होगा।