Om Pratap
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Sharad Pawar: महाराष्ट्र के बीड में आज होने वाली रैली से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चीफ शरद पवार ने अपनी पावर दिखाई है। शरद पवार ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और अपने भतीजे अजीत पवार को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे मेरी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकते, मैं बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा।
शरद परवार ने कहा कि अगर अजीत के नेतृत्व वाले बागी राकांपा गुट ने अपने बैनर और होर्डिंग्स पर उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बंद नहीं किया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
शरद पवार ने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश भर में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर की तुलना में 2024 में सत्ता में अपनी वापसी की अधिक चिंता है, जो जातीय हिंसा के कारण जल रहा है।
बता दें कि पिछले शनिवार को पुणे में अजीत पवार से शरद की मुलाकात के बाद उनके अगले कदम को लेकर काफी अनिश्चितता थी। इस बैठक ने उनके महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सहयोगियों-कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को इतना परेशान कर दिया कि उन्होंने पहली बार खुलेआम अपनी नाराजगी व्यक्त की। बुधवार को अजीत पवार को हिदायत और केंद्र सरकार पर उनके बयान को उनकी स्थिति साफ करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
शरद पवार ने कहा कि मैं उम्मीद कर रहा था कि प्रधानमंत्री अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में मणिपुर मुद्दे का उल्लेख करेंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने देवेंद्र फड़नवीस से मार्गदर्शन लिया है, जो 2019 के चुनावों से पहले कहा करते थे कि वह (महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में) वापस आएंगे।
राकांपा प्रमुख ने कई मुद्दों पर मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है, लोगों और पुलिस पर हमले हो रहे हैं और महिलाओं को परेशान किया जा रहा है और नग्न घुमाया जा रहा है, लेकिन मोदी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उत्तर-पूर्व का संकट उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, उन्हें केवल सत्ता में वापसी की चिंता है।
अजीत पवार पर बात करते हुए शरद पवार ने दावा किया कि उनकी मुलाकात बिलकुल सहज थी। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार में परंपरा रही है कि अगर कुछ बात होती है तो बच्चे मुझसे चर्चा करने आते हैं, इसलिए बैठक को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना जरूरी नहीं है।
शरद पवार ने ये दावा किया कि उनके और अजीत के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। चर्चा के लिए बचा ही क्या है? उन्होंने पुणे में पीएम मोदी के साथ मंच शेयर करने के बाद उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। शरद पवार ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि जिस तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ से सम्मानित किया था, उसका नियंत्रण कांग्रेस नेता रोहित तिलक के पास है। शरद पवार ने कहा कि पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ट्रस्टियों में से एक हैं। किसी ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा।
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