Mumbai Coastal Road Project Update : मुंबईकरों को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL) के बाद महाराष्ट्र की सरकार जल्द ही मुंबई कोस्टल रोड की सौगात देने जा रही है। मुंबई कोस्टल रोड के पहले चरण के कार्य पूरे हो गए। इस पर सरकार यातायात के लिए वर्ली और मरीन लाइंस के बीच एक लेन को खोल सकती है। इसे लेकर नगर निगम प्रशासन ने कहा कि अगले महीने एक लेन खोल दिया जाएगा। यह देश की पहली ऐसी सड़क है, जोकि समुद्र के अंदर से बनाई गई है।
मुंबई के ट्रैफिक जाम को समाप्त करने में कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का अहम योगदान होगा। 2018 के अक्टूबर महीने में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से राजीव गांधी सी ब्रिज (बांद्रे-वर्ली सी-लिंक) के दक्षिणी छोर तक कुल 10.58 किमी लंबा पुल बन रहा है। इस परियोजना में दो सुरंगें भी हैं, जोकि पूरी हो चुकी हैं। ‘मावला’ टनल बोरिंग मशीनों से 2.072 किमी लंबी सुरंगों की खुदाई की गई है।
प्रोजक्ट का कार्य 84 फीसदी कार्य पूरा
कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का कार्य करीब 84 फीसदी पूरा हो गया। फरवरी के पहले हफ्ते में एक लोन खोल दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 13 हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें से 9 हजार करोड़ खर्च हो चुके हैं। इसके तहत 4 लेन बनाए गए हैं, लेकिन टर्नल के अंदर 3 लेन हो जाएगा। 4 लेन में से 1 लेन पर बीआरटीएस और एंबुलेंस की गाड़ियां चलेंगी।
पार्किंग की भी रहेगी व्यवस्था
सबसे खास बात यह है कि इस परियोजना में 4 किलोमीटर तक आने का रास्ता और 4 किलोमीटर की सुरंग है, जिसमें 2 किलोमीटर समुद्र और पहाड़ के नीचे और 2 किलो मीटर रैंप टनल है। साथ ही इस रास्ते पर 4 पार्किंग क्षेत्र भी बनाए गए हैं, जहां 1800 गाड़ियां पार्क होंगी। इस 10 किमी की सड़क पर 16 अंडर पास बनाए गए हैं, ताकि पैदल यात्री आसानी से रास्ता पार कर सकें। अगर सुरंग में कोई हादसा हो जाता है तो तत्काल मदद की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए बीएमसी के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष, मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और यातायात पुलिस की व्यवस्था रहेगी।