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मुंबई

बैंक अधिकारी ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट से ऐसे बचाया, महिला को पुलिस ने दिया सम्मान

बैंक अधिकारी प्रियंका पाटिल ने सूझबूझ और मेहनत से एक महिला को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ जैसे साइबर धोखाधड़ी से बचाया। प्रियंका पाटिल की सतर्कता और इस धोखाधड़ी की जानकारी के चलते महिला ने बड़ी धनराशि खोने से बची। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और ऐसे अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

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Edited By : News24 हिंदी Updated: Apr 25, 2025 20:18

डिजिटल अरेस्ट के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स भोले-भाले लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये का चूना लगा जाते हैं। इसके बाद लोग बैंक और थानों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला डिजिटल अरेस्ट होने के बाद ‘लुटने’ से बच गई। आइए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है…

क्या है पुरा मामला?

दरअसल, एक बुजुर्ग महिला को एक धोखेबाज ने 28 अक्टूबर, 2024 को व्हाट्सएप पर कॉल किया और बताया कि बैंक ने उनके खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक शिकायत दर्ज की है। स्कैमर ने बताया कि महिला ने अपने क्रेडिट कार्ड का ₹3 लाख का कर्ज नहीं चुकाया था। धोखेबाज ने महिला से कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी लेने के लिए बेंगलुरु जाना होगा। जब महिला ने अकेले जाने में असमर्थता जताई, तो धोखेबाज ने उन्हें एक वीडियो कॉल करने को कहा। वीडियो कॉल पर दो लोग खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए महिला से केस की जटिलता के बारे में बात करने लगे।

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महिला से मांगे डॉक्यूमेंट्स

इसके बाद एक व्यक्ति जो खुद को सीनियर अधिकारी संदीप राव बताता है, महिला से तीन घंटे तक पूछताछ करता है, जिसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक विवरण और परिवार के बारे में जानकारी ली जाती है। साथ ही महिला को यह भी बताया जाता है कि उनका फोन टेप किया जा रहा है और अगर उन्होंने कोई जानकारी साझा की तो उनका हाल खराब होगा।

महिला के साथ हुआ चमत्कार

जब महिला को पूरी तरह डराया-धमकाया गया तो वीडियो कॉल पर एक महिला ने खुद को ‘CBI अधिकारी दीपारनिति मुंशीकर’ के रूप में पेश किया और महिला से सभी पैसे और फिक्स्ड डिपॉजिट्स उन बैंक खातों में ट्रांसफर करने को कहा। महिला ने घबराकर अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट्स Axis बैंक से तोड़ दीं, लेकिन तभी बुजुर्ग महिला के साथ ‘चमत्कार’ हुआ। दरअसल, बैंक की ऑपरेशन हेड प्रियंका पाटिल ने इस संदिग्ध स्थिति को भांप लिया।

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बैंक ऑपरेशन हेड ने बचाया डिजिटल गिरफ्तारी से 

प्रियंका ने महिला को बार-बार समझाने की कोशिश की कि वह पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने महिला को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया कि ऐसे धोखेबाज कैसे काम करते हैं। अंत में महिला ने धोखेबाजों को पैसे ट्रांसफर नहीं किए और वह डिजिटली लुटने से बच गईं। इस काम के लिए एग्जीक्यूटिव ऑपरेशंस हेड प्रियंका पाटिल को सम्मानित किया गया।

पुलिस ने किया सम्मानित

पिम्परी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने प्रियंका पाटिल को साइबर धोखाधड़ी को नाकाम करने के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर महिला भी उपस्थित थीं जिन्होंने प्रियंका का धन्यवाद किया। इसके साथ ही, पुलिस ने इस घटना पर जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।

First published on: Apr 25, 2025 07:59 PM

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