पहलगाम हमले को लेकर देशभर में गुस्सा है। लोग सरकार के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच हमले को लेकर सियासत शुरू हो गई है। पहलगाम हमले को लेकर एक और विवादित बयान सामने आया है। शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा कि आज हमारे महाराष्ट्र का लड़का दुनिया में घूमेगा तो उसे दुनिया की भाषा भी आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी क्या उर्दू भाषा सबसे पहले सिखाई जानी चाहिए। ऐसे में जो आतंकियों के मैसेज जाते हैं वे हम समझ नहीं पाते हैं। इसलिए आतंकी नहीं पकड़े जाते हैं। इसलिए उर्दू भी सिखाई जानी चाहिए।
उर्दू भी सिखाई जानी चाहिए
शिवसेना विधायक ने कहा कि हिंदी एक राष्ट्रीय भाषा है और हर जगह पर बोली जाती है। मैं तो कहूंगा कि आतंकियों के संदेशों को समझने के लिए न केवल हिंदी बल्कि राज्य में उर्दू भी सिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला मुस्लिम आतंकवाद का चेहरा है। इसमें आतंकियों ने धर्म और लिंग की जांच कर गोलियां चलाईं जोकि चौंकाने वाली घटना है। इन आतंकियों का सिर काट देना चाहिए। बता दें कि विधायक गायकवाड़ पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।
असम विधायक ने दिया था विवादित बयान
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को पहलगाम हमले को लेकर असम में एआईयूडीएफ के विधायक अमीनुल इस्लाम ने भी विवादित बयान दे दिया था। उन्होंने कहा था कि फरवरी 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला और पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या की साजिश सरकार ने रची थी। उनके इस बयान के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सरकार उन सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो पहलगाम में हुए हमले का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर बचाव करेंगे।
विधायक के इस बयान के बाद असम डीजीपी के आदेश पर विधायक के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।