जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमले के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की रक्षा करते हुए 20 साल के कश्मीरी युवक सय्यद आदिल हुसैन शाह की भी जान चली गई। आतंकियों ने उसकी भी हत्या कर दी। दरअसल, जब हमला हुआ, तो इंसानियत दिखाते हुए सय्यद ने एक आतंकी से बंदूक छीनने की कोशिश की, और इस दौरान उनकी मौत हो गई।
5 लाख की मदद उपमुख्यमंत्री ने भेजी
अब, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने व्यक्तिगत तौर पर सय्यद के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है। पहलगाम में मदद के लिए गए शिवसेना कार्यकर्ताओं और सरहद संस्था के पदाधिकारियों के माध्यम से आज सय्यद के परिजनों को धनादेश सौंपा गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सय्यद के परिजनों से बातचीत की और उन्हें सांत्वना दी।
महज 20 साल का सय्यद आदिल पहलगाम में पर्यटकों को घोड़े पर बैठाकर सैर कराने का काम करता था। उसके घोड़े पर जो पर्यटक पहलगाम की सैर कर रहे थे, उन्हें बचाने की उसने कोशिश की। जब आतंकवादी सामने आए, तो सय्यद ने साहस दिखाते हुए एक आतंकवादी की रायफल छीनने की कोशिश की। आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर गए थे एकनाथ शिंदे
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर घूमने गए राज्य के कई पर्यटक वहीं फंस गए थे। उन्हें मदद करने के लिए उपमुख्यमंत्री शिंदे बुधवार, 23 अप्रैल की देर रात श्रीनगर पहुंच गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने एयरपोर्ट के करीब स्थित कैंप में जाकर राज्य के पर्यटकों से मुलाकात की। उनका हालचाल पूछते हुए उन्हें धैर्य दिया। आतंकवादी हमले में बचे पर्यटकों ने सय्यद आदिल द्वारा दिखाई गई इंसानियत और साहस की जानकारी उपमुख्यमंत्री को दी। इस पर उपमुख्यमंत्री ने सय्यद आदिल के परिजनों को तुरंत आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया।
इसी वजह से आज सय्यद आदिल के परिजनों को शिवसेना कार्यकर्ताओं और सरहद संस्था के लोगों ने आर्थिक मदद पहुंचा दी। इस दौरान स्थानीय विधायक सईद रफीक शाह भी उपस्थित थे।