मध्य प्रदेश: युवक ने कुत्ते को पीट-पीट कर मार डाला, सिंधिया ने लगाई गुहार तो सीएम शिवराज बोले- अंजाम भुगतना होगा

मध्य प्रदेश के गुना में पशु क्रूरता का एक दिल दहला देने वाला वीडियो आने के बाद सीएम शिवराज सिंह ने खुद न्याय सुनिश्चित करने की बात कही है।

मध्य प्रदेश: युवक ने कुत्ते को पीट-पीट कर मार डाला, सिंधिया ने लगाई गुहार तो सीएम शिवराज बोले- अंजाम भुगतना होगा

मध्य प्रदेश के गुना से शनिवार को एक अमानवीय घटना की जानकारी सामने आई थी। यहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कुत्ते के एक बच्चे को पहले बुरी तरह पीटा और फिर उसकी हत्या कर दी। यह शख्स एक दुकान पर बैठा था जब कुत्ता उसे सूंघने उसके पास आया। लेकिन इससे भड़के शख्स को छोटे से जानवर पर जरा भी रहम नहीं आया।

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इस पूरी घटना का वीडियो दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि दुकान के सामने बैठा शख्स कुत्ते को उठाकर फेंक देता है। उसकी निर्ममता यहीं नहीं रुकी और उसने मासूम जानवर को लातें मारनी शुरू कर दीं और कथित तौर पर मारते-मारते उसकी जान ले ली।

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https://twitter.com/rohanduaT02/status/1733549555780919407

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया एक्शन लेने का अनुरोध

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे लेकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी है। सिंधिया ने इसे डराने और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि इस निर्ममता के लिए इस शख्स को सजा मिलनी चाहिए। सिंधिया ने इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से एक्शन लेने का अनुरोध भी किया।

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जिम्मेदार को परिणाम भुगतना होगा: सीएम शिवराज

वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज ने भी सिंधिया के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इस भयावह घटना से बहुत आहत हूं। न्याय सुनिश्चित करने के लिए तेज और सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम बर्बरता की ऐसी घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को अंजाम भुगतना होगा।

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पशु क्रूरता कानून के तहत फिलहाल ऐसा है प्रावधान

बता दें कि पशुओं के साथ निर्दयता पशु क्रूरता निवारण कानून 1960 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर जेल या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। छह दशक पुराने इस कानून में सुधार करने के लिए कार्यकर्ता आवाज उठाते रहे हैं। वर्तमान कानून के अनुसार इस अपराध में अधिकतम दो साल जेल की सजा का प्रावधान है।

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उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस तरह के अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों के लिए कठोर दंड और अधिक जेल की सजा का प्रावधान लाने के लिए पिछले साल इस कानून में प्रस्तावित सुधारों पर जनता की राय जानने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया था। इस साल संसद के मानसून सत्र के दौरान इस बिल को लोकसभा में पेश करने की उम्मीद थी।

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