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शिवराज कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना के लिए 1250 करोड़ की दी मंजूरी, रेत खनन नीति में संशोधन

Shivraj Cabinet Decision: शिवराज कैबिनेट की बैठक में ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा भी कई अन्य फैसलों में आज की बैठख में मुहर लगाई गई है। वहीं सीएम शिवराज आज अपने मंत्रियों के साथ ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म देखने भी जाएंगे। 1250 करोड़ मंजूर आज की कैबिनेट […]

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Shivraj Cabinet Decision: शिवराज कैबिनेट की बैठक में ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा भी कई अन्य फैसलों में आज की बैठख में मुहर लगाई गई है। वहीं सीएम शिवराज आज अपने मंत्रियों के साथ ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म देखने भी जाएंगे।

1250 करोड़ मंजूर

आज की कैबिनेट बैठक में शिवराज सरकार की महत्वकांक्षी लाड़ली बहना योजना के बजट को भी स्वीकृती दी गई है। शिवराज सरकार ने एक महीने में 1250 करोड़ रुपए महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश जारी कर दिए है। बता दें कि प्रदेश की 1 करोड़ 33 लाख 25 हजार से ज्यादा महिलाओं ने इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। जिसका लाभ इन महिलाओं को मिलेगा।

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प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए 6 लाख की आय सीमा को बढ़ाकर 8 लाख किया गया है। इस निर्णय से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के और व्यापक अवसर मिल सकेंगे।

रेत खनन संसोधन को मंजूरी

इसके अलावा शिवराज कैबिनेट ने प्रदेश में रेत खनन नीति में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश की रेत खनन नीति में ई-टेंडर और सह नीलामी का प्रावधान भी रहेगा। इसके अलावा जब एग्रीमेंट होगा तब से लेकर 3 साल तक ही खदान का ठेका रहेगा। इसके बाद ठेका समाप्त हो जाएगा। हालांकि इसमें चाहे तो ठेकेदार 2 साल का विस्तार भी कर सकते हैं।

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इंटरनेट से जुड़ेंगी सहकारी समितियां

वहीं सहकारी समितियों को लेकर भी शिवराज कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। अब सहकारी समितियां हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने ऑप्टिकल फाइबर आधारित इंटरनेट प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का फैसला किया ह।

पुजारी लेंगे मंदिर की जमीनों का निर्णय

म.प्र. कैबिनेट ने प्रदेश के शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ऐसे मंदिरों की कृषि भूमि यदि 10 एकड़ है, तो इससे होने वाली आय का उपयोग पुजारी स्वयं के लिए कर सकेंगे। इसी प्रकार 10 एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले शासन संधारित मंदिरों में 10 एकड़ के अतिरिक्त शेष कृषि भूमि का जिला कलेक्टर को सूचित करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा और इससे प्राप्त होने वाली आय मंदिर के खाते में जमा करवाई जाएगी।

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First published on: May 16, 2023 03:24 PM

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