Panna Tiger Reserve: टाइगर स्टेट में फंदे पर लटका मिला बाघ, CM शिवराज ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
Edited By Yashodhan Sharma

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विपिन श्रीवास्तव, पन्ना: टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में अब टाइगर ही सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) के जंगल में एक टाइगर के फांसी के फंदे पर लटकने की हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने अफसरों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर जानकारी मांगी है।
पन्ना के उत्तर वन मंडल अंतर्गत देवेंद्रनगर रेंज के विक्रमपुर गांव के पास पेड़ से क्लच वायर में लटका टाइगर का शव मिला है, जिसके बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने पहुंचकर छानबीन शुरू की। जंगल के आसपास के एरिया में डॉग स्क्वायड की टीम भी सर्चिंग में जुट गई ताकि पता चल सके कि आखिर ये घटना कैसे हुई और किसने की।
मामले की गंभीरता देखते हुए बाघ की मौत को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बुधवार देर शाम इमरजेंसी मीटिंग बुला ली। मीटिंग में सीएस, डीजीपी, एसीएस फॉरेस्ट, हेड ऑफ फॉरेस्ट, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ समेत सागर कमिश्नर, आईजी, पन्ना कलेक्टर, एसपी, डीएफओ समेत पन्ना के अफसरों से वर्चुअली जुड़े। सीएम ने इस घटना की पूरी जानकारी मांगी।
इससे पहले पन्ना में फंदे पर लटके मिले टाइगर के मामले में मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही। वीडी शर्मा ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, 526 टाइगर वाले मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है। गौर करने वाली बात ये कि जिस पन्ना टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा 75 बाघ की मौजदूगी से टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने में अहम योगदान है उसी टाइगर रिजर्व में टाइगर इस तरह फंसी के फंदे से लटका मिला है।
ये वही पन्ना टाइगर रिजर्व है जो साल 2008-09 में बाघ विहीन हो गया था। जबकि इससे पहले यहां बड़ी संख्या में बाघ थे। लेकिन फिर से बाघों की पुनर्स्थापना के बाद काफी मेहनत से बाघों का कुनबा बढ़ता चला गया।
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