IIIT रांची के छात्र की मौत की जांच के लिए शिक्षा मंत्रालय ने बनाई कमेटी, मेडिकल और हॉस्टल व्यवस्था की होगी पड़ताल

शिक्षा मंत्रालय ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए समिति को विभिन्न पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है. समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी करेंगी.

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IIIT में मेडिकल सुविधाओं, हॉस्टल की व्यवस्था, काउंसेलिंग सेवाओं की होगी जांच. (Photo: iiitranchi.ac.in)

झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में एक छात्र की मौत के मामले में शिक्षा मंत्रालय ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. गठित की गई टीम इस पूरे मामले की हर एंगल से चांज करेगी. इसके साथ ही IIIT में मेडिकल सुविधाओं, हॉस्टल की व्यवस्था, काउंसेलिंग सेवाओं और छात्रों की शिकायतों के निपटारे से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी. शिक्षा मंत्रालय ने इस समिति का गठन घटना के पीछे संभावित व्यवस्थागत कमियों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के उद्देश्य से किया है.

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शिक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति का नेतृत्व दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी करेंगी. इसमें एक सीनियर मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

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जांच के दायरे में क्या-क्या होगा?

मंत्रालय के अनुसार, समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल करने के साथ संस्थान में लागू दिशा-निर्देशों के पालन की स्थिति का भी आकलन करेगी. जांच के दायरे में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी कार्यप्रणाली को शामिल किया गया है. इसके तहत यह देखा जाएगा कि छात्रों को जरूरत के समय चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था कैसी है और संस्थान में मौजूद सहायता तंत्र किस तरह काम कर रहा है.

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इसके अलावा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं और छात्रों की जरूरतों को पूरा करने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी. समिति संस्थान में काउंसलिंग और मेंटरिंग की व्यवस्था का आकलन करेगी. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई से जुड़े दबाव और अन्य समस्याओं के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन तथा सहायता उपलब्ध कराना है. जांच समिति संस्थान में छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए बनाए गए तंत्र की भी समीक्षा करेगी. इसका मकसद यह पता लगाना है कि छात्रों की समस्याओं को सुनने, उन पर कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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