Jharkhand Political Crisis : झारखंड में चंपई सोरेन की सरकार के सामने एक बार फिर मुसीबत खड़ी हो गई है। उनके मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा हो गया। इसके साथ ही झारखंड कांग्रेस के विधायकों का गुस्सा भी भड़क गया। कांग्रेस के 17 विधायकों में से 12 विधायक और जेएमएम के भी कुछ विधायक नाराज चल रहे हैं। उनकी नाराजगी का मुख्य कारण मंत्रिमंडल में जगह न मिलना है।
चंपई सोरेन की सरकार में कांग्रेस के उन्हीं विधायकों को जगह मिली है, जो हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री थे। झारखंड मंत्रिमंडल में कांग्रेस कोटे से पुराने ही 4 मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में मंत्री बनने से चूक गए विधायक नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने मंत्रियों को बदलकर नए विधायकों को मौका मिलना चाहिए। इसे लेकर कांग्रेस के नाराज 12 विधायकों ने कई बार सीक्रेट मीटिंग की।
कांग्रेस 10 विधायक दिल्ली हुए रवाना
कई दौर की बैठकों के बाद 10 विधायक दिल्ली रवाना हो चुके हैं, जबकि दो विधायक दीपिका सिंह पाण्डेय और रामचंद्र सिंह रविवार की सुबह दिल्ली जाएंगे। वे कांग्रेस हाईकमान के सामने अपनी बात रखेंगे। दिल्ली रवाना हो चुके विधायकों में राजेश कच्छप, जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह, अम्बा प्रसाद, सोना राम सिंकू, भूषण बारा, नमन विक्सल कोंगरी, इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्णिमा नीरज सिंह शामिल हैं।
सीएम चपंई सोरेन भी पहुंचे राजधानी
इस बीच झारखंड के सीएम चंपई सोरेन पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे पहली बार दिल्ली गए हैं। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे और राज्य में उत्पन्न राजनीतिक संकट के बारे में अवगत कराएंगे। बताया जा रहा है कि अगर कांग्रेस के नाराज विधायक मंत्री नहीं बनाए गए तो उन्होंने बजट सत्र बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से नाराज हुए विधायक
आपको बता दें कि झारखंड में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद ऐसा लग रहा था कि इंडिया गठबंधन की सरकार नहीं बचेगी। इसके बाद हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन को सत्ता और गठबंधन की कमान सौंप दी थी। चंपई सोरेन ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर अपनी सरकार बचा ली। मंत्रिमंडल के विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद लगा कि चंपई सरकार अब रन करने लगेगी, लेकिन अब इंडिया गठबंधन के विधायक नाराज हो गए हैं।