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झारखंड

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर लगाई रोक, राज्य मशीनरी को कड़ी फटकार

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने आज एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से उत्पन्न सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी है. यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया था. अदालत ने राज्य की मशीनरी को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि वह कानून के इस तरह के “खुले दुरुपयोग” की मूक दर्शक नहीं बन सकती. पढ़ें दिल्ली से प्रशांत देव की रिपोर्ट.

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Edited By : Versha Singh Updated: Jan 16, 2026 14:43

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने आज एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से उत्पन्न सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी है. यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया था. अदालत ने राज्य की मशीनरी को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि वह कानून के इस तरह के “खुले दुरुपयोग” की मूक दर्शक नहीं बन सकती.

हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण अवलोकन में माना कि संबंधित FIR एक दुर्भावनापूर्ण “काउंटर-ब्लास्ट” है, जिसे PMLA के एक आरोपी द्वारा ₹23 करोड़ के पेयजल घोटाले की चल रही जांच को बाधित करने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया था. इस टिप्पणी के साथ अदालत ने ED की उस दलील को प्रभावी रूप से स्वीकार किया, जिसमें FIR को जांच में अवरोध पैदा करने का प्रयास बताया गया था.

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इसके साथ ही, अदालत ने जोनल कार्यालय और उसके अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त CISF तैनाती का निर्देश दिया है. न्यायालय ने झारखंड के गृह सचिव और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि ED परिसर और उसके अधिकारियों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

यह न्यायिक हस्तक्षेप न केवल कानून के दुरुपयोग पर रोक लगाता है, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय की संस्थागत गरिमा और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया की रक्षा भी करता है.

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First published on: Jan 16, 2026 02:43 PM

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