केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसे अपराधों पर और अधिक सख्त कानूनी व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह कदम करोड़ों युवाओं की मेहनत, उनके भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुरक्षित करने के लिए उठाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं.
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और युवाओं का भविष्य लूटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहले ही "बिना पर्ची, बिना खर्ची" के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था स्थापित की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और वर्ष 1986 में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी, लेकिन कानून नहीं बन पाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में इस संबंध में कानून बनाया गया, जिसे अब और अधिक सख्त किया जा रहा है ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे.
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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और I.N.D.I.A. गठबंधन ने हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को गुमराह करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं के मुद्दों पर राजनीति करते हैं, लेकिन पंजाब में हाल ही में फार्मेसी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने के बावजूद उन्होंने, अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष का दोहरा रवैया युवाओं के हितों के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित सर्वोपरि रहेंगे और उनकी मेहनत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ हर आवश्यक और कठोर कदम उठाया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि सख्त कानूनी व्यवस्था से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का विश्वास और मजबूत होगा.
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