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पंजाब के बाद अब हरियाणा बना ‘डंकी रूट’ का बड़ा मार्केट, इन 5 जिलों के युवा हो रहे एजेंटों के ‘शिकार’

Donkey Route: एजेंटों को पैसे देने के लिए लोग अपनी जमीन तक बेच रहे हैं। हरियाणा के युवाओं में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और अमेरिका जाने का है क्रेज।

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विशाल अंग्रीश, करनाल

Donkey Route: शाहरुख खान की मूवी डंकी में दिखाया गया था कि भारत में जिन युवाओं को वीजा नहीं मिलता वे किस तरह लाखों रुपये खर्च कर डंकी रूट से शारीरिक व मानसिक परेशानियां झेलते हुए विदेश में पहुंचते हैं। देश में पहले Donkey Route ने पंजाब में अपने पैर पसारे अब ये धीरे-धीरे हरियाणा के युवाओं को अपने शिकंजे में ले रहा है। जानकारी के अनुसार हरियाणा के करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल और सिरसा समेत अन्य जिले इसकी सबसे ज्यादा चपेट में हैं।

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डॉलरों की चकाचौंध में आकर्षित हो जाते हैं युवा

पुलिस सूत्रों की मानें तो यहां के विदेश भेजने वाले एजेंटो का गिरोह सक्रिय है और अब तक बड़ी संख्या में युवाओं को ये देश से बाहर ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और अमेरिका भेज भी चुके हैं। बताया जा रहा है कि डंकी रूट से एक शख्स को विदेश भेजने के ये एजेंट 25 से 50 लाख रुपये तक लेते हैं। पंजाब और हरियाणा में विदेश जाने की चाह के चलते यहां के नौजवान बड़े-बड़े सपने संजोते हैं। डालरों की चकाचौंध में आकर्षित होकर युवा इन एजेंटों के चंगुल में फंस जाते हैं।

थाईलैंड के बाद यूरोप और फिर मेक्सिको से अमेरिका में करते हैं एंट्री 

करनाल में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि एजेंटों को पैसे देने के लिए युवाओं के परिजन अपने जमीन, घर बेच या गिरवी रख रहे हैं। बता दें विदेश खासकर अमरीका जाने के लिए पंजाब के नौजवानों ने 90 के दशक में डंकी रूट से आना जाना शुरू किया था। उस समय पंजाब में आतंकवाद चरम पर था तो परिजनों ने भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका। उस समय 15 लाख में युवा सबसे पहले थाईलैंड उसके बाद यूरोप और फिर मेक्सिको से अमेरिका में एंट्री करते थे।

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डंकी रूट से जा रहे 170 भारतीयों की हुई मौत

डंकी रूट से जाने के दौरान रास्ते में कई लोगों की जंगल के रास्ते या फिर समुंदर के रास्ते जाते हुए मौत तक हो जाती थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1996 में माल्टा वोट ट्रेजेडी हुई थी, जिसमें डंकी रूट से जा रहे 170 भारतीयों (जिनमें बड़ी संख्या में पंजाब के नौजवान थे) की जान चली गई थी। इस केस से देश हाहाकार मच गया और इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। लेकिन यह गौरखधंधा नहीं रूका बल्कि साल दर साल डंकी रूट से फाइनल डेस्टिनेशन तक पहुंचना महंगा होता चला गया।

रोकने के लिए ऊंची बाड़ लगाई गई 

बता दें मेक्सिको के साथ अमेरिका की दक्षिणी सीमा 1933 मील लंबी है, जो प्रशांत महासागर से लेकर दक्षिण टेक्सास के सिरे तक फैली हुई है। इनमें से लगभग 700 मील की दूरी पर बाड़ लगा दी गई है। पहले चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प ने भी चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर दीवार बनाने का वादा किया था। पश्चिम में सैन डिएगो और मेक्सिको के तिजुआना के बीच लोगों को अवैध रूप से पार करने से रोकने के लिए ऊंची दोहरी बाड़ लगाई गई है।

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First published on: Sep 20, 2024 04:37 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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