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Morbi Collapse Probe: रिनोवेशन के नाम पर फुटब्रिज को सिर्फ पेंट किया, केबल को पॉलिश…

Morbi Bridge Collapse Investigation: गुजरात के मोरबी में रविवार शाम को हैंगिंग ब्रिज गिरने से करीब 140 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कम से कम 47 बच्चे, कई महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हादसे की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। जांच में अब तक चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ब्रिज को […]

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Morbi Bridge Collapse Investigation: गुजरात के मोरबी में रविवार शाम को हैंगिंग ब्रिज गिरने से करीब 140 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कम से कम 47 बच्चे, कई महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हादसे की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। जांच में अब तक चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

ब्रिज को गुजरात नव वर्ष पर खोले जाने के दौरान रिनोवेशन करने वाली कंपनी का दावा किया गया था कि 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अब तक जांच में पता चला है कि कंपनी ने जिस ब्रिज को रिनोवेशन के नाम पर आठ महीने से बंद रखा था, उसकी पूरी मरम्मत नहीं की गई थी। सिर्फ फुटब्रिज को पेंट किया गया था जबकि जिस केबल के जरिए ब्रिज लटका था, उसे बदलने के बजाए सिर्फ पॉलिश किया गया था।

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अबतक जांच में क्या सामने आया?

  • अब तक की जांच में सामने आया है कि पुल की मरम्मत से पहले ठीक तरीके से आकलन नहीं किया गया। साथ ही इमरजेंसी एग्जिट और निकासी योजना पर भी ध्यान नहीं दिया गया था। साथ ही रिनोवेशन में घटिया सामानों का यूज किया गया था। इस तरह रिनोवेशन में चूक की लंबी लिस्ट सामने आई है।
  • मोरबी ब्रिज का रिनोवेशन देखने वाले ओरेवा ग्रुप पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर किस आधार पर इस फर्म को पुल के रिनोवेशन का ठेका दिया गया था।
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि ठेकेदार ने 26 अक्टूबर को जनता के लिए पुल को फिर से खोलने से पहले सभी केबलों को पेंट और पॉलिश किया है।
  • अधिकारी ने कहा कि हमें अभी तक यह पुष्टि करने के लिए कुछ भी नहीं मिला है कि खराब हो चुके केबलों में से कोई भी बदल दिया गया है या नहीं। हम इसके हर पहलू पर विस्तार से विचार कर रहे हैं।

दीवार घड़ी बनाने वाली कंपनी को सौंपा जिम्मा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ओरेवा कंपनी LED बल्ब, वॉल क्लॉक और ई-बाइक में माहिर है। फिलहाल, जांच का विषय है कि 100 साल से अधिक पुराने पुल के रखरखाव का ठेका इस कंपनी को कैसे मिला?

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  • लगभग 50 साल पहले ओधवजी राघवजी पटेल ने इस कंपनी की स्थापना की थी। कंपनी अजंता और ओरपाट ब्रांडों के तहत दीवार घड़ियों का निर्माण करती है।
  • ओधवजी पटेल का इस महीने की शुरुआत में 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 1971 में 45 वर्ष की आयु में एक उद्यमी बनने से पहले स्कूल में विज्ञान के शिक्षक थे।
  • लगभग 800 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड लाइट्स प्रोडक्ट्स, बैटरी से चलने वाली बाइक, घरेलू उपकरणों, बिजली के सामान और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे टेलीफोन, कैलकुलेटर और एलईडी टीवी सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में भी मौजूद है।
  • वेबसाइट पर अपने प्रोफाइल में ओरेवा समूह का दावा है कि वह 6,000 से अधिक लोगों को रोजगार देता है।

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पुलिस की प्राथमिकी क्या कहती है?

गुजरात पुलिस ने अपनी प्राथमिकी में किसी आरोपी की पहचान नहीं की है, लेकिन हैंगिंग ब्रिज की मरम्मत करने वाली एजेंसी, उसके मैनेजमेंट और कंपनी के साथ जुड़े अन्य लोगों समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मोरबी हैंगिंग ब्रिज का काम देखने वाली कंपनी ने पुल को खोलने से पहले उसके गुणवत्ता की जांच या फिर भार सहने की क्षमता को नहीं जांचा और 25 अक्टूबर को जनता के लिए पुल को खोल दिया।

पुलिस के मुताबिक, ये पूरी तरह लापरवाही का मामला है। ऐसा लगता है कि ये जानबूझकर किया गया था। आरोपियों ने गैर इरादतन हत्या के लिए आईपीसी की धारा के तहत अपराध किया है।

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First published on: Nov 02, 2022 03:13 PM

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