'कानून जितना स्पष्ट होगा, न्यायपालिका का हस्तक्षेप उतना ही कम होगा', गुजरात में बोले गृह मंत्री अमित शाह

Home Minister Amit Shah in Gujarat: गुजरात में बीते दिन विधानसभा में विधान मसौदा प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह हुआ। इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए।

Home Minister Amit Shah in Gujarat
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Home Minister Amit Shah in Gujarat: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीते दिन गुजरात दौरे पर रहे। यहां उन्होंने गुजरात विधानसभा में विधान मसौदा प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यक्रम के मंच पर गृह मंत्री अमित शाह समेत मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करत हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साथ ही कहा कि कानून में जितनी स्पष्टता होगी, न्यायपालिका में हस्तक्षेप उतना ही कम होगा।

गृह मंत्री ने की गुजरात सरकार की सराहना

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात सरकार की अनोखी पहल की सराहना की और कहा कि विधायी मसौदा तैयार करना एक महत्वपूर्ण कला है। देश में पहली बार विधायी ड्राफ्टिंग पर ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है, जो वास्तव में एक सराहनीय कदम है। विधायी प्रारूपण की कला किसी भी कानून को बनाने का सबसे शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोषपूर्ण विधायी प्रारूपण के परिणामस्वरूप कई जटिल समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिसकी वजह से न्यायपालिका का हस्तक्षेप बढ़ जाता है।

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आर्टिकल 370 का जिक्र

अमित शाह ने संविधान के अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए कहा कि उस अनुच्छेद में लिखा था कि अस्थायी, राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 370 को लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से हटाया जा सकता है।

नागरिकों की चिंता दूर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधायकों से अनुरोध करते हुए कहा कि विधानसभा विधेयक पारित कर नागरिकों के हित और सुरक्षा के लिए कानून बनाने की बैठक है। नागरिकों की चिंताओं को दूर करना और उनके हित में कानून बनाना विधायकों का मुख्य काम है। उन्होंने कहा, इसलिए प्रत्येक विधायक को कानून की भाषा को व्यवस्थित ढंग से समझना चाहिए, चर्चा में भाग लेना चाहिए और कानून की खामियों को दूर करने के लिए अपने सुझाव रखने चाहिए।

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24 घंटे बिजली देने का संकल्प

अमित शाह ने 1997 से 2017 तक गुजरात के गृह मंत्री और विधायक के रूप में अपने 20 साल के कार्यकाल की यादों को याद करते हुए कहा कि उसी विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे बिजली देने का संकल्प पेश किया था। गुजरात के लोगों और वर्ष 2003 से ज्योतिग्राम योजना लागू करके गुजरात हर नागरिक को 24 घंटे थ्री फेज बिजली उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया।

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न्यायपालिका का हस्तक्षेप

कानून बनाने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए अमित शाह ने कहा कि कानून बनाते समय स्पष्टता बहुत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से कानून में किए जा रहे उद्देश्य, कानून की स्पष्टता और सरल भाषा न्यायपालिका के हस्तक्षेप को कम करती है। लागू करने वालों की रक्षा करने और उल्लंघन करने वालों को दंडित करने के लिए कानून के प्रावधान भी स्पष्ट होने चाहिए। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि कानून बनाते समय विषय विशेषज्ञों, संबंधित अधिकारियों और नागरिकों की प्रतिक्रिया और विचारों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

भ्रम पैदा करते हैं जटिल कानून

सीएम भूपेन्द्र पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून के नियमों के अधीन शासन प्रणाली में कानून बनाने में शामिल अधिकारियों की तैयारी आवश्यक है। स्पष्टता के बिना जटिल कानून भ्रम पैदा करते हैं और कार्य नीतियों के कार्यान्वयन में देरी करते हैं। इन कानूनों का मसौदा तैयार करना अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे द्वारा बनाए गए कानून स्पष्ट, लागू करने योग्य और न्याय और समानता के अनुरूप हों।

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