भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा राजभाषा सम्मेलन का सफल आयोजन

Rajbhasha Sammelan 2025: कार्यक्रम के पहले सत्र में ‘भारत में हिंदी का विकासित होता बाजार’ विषय पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अवसरों का माध्यम है।

राजभाषा सम्मेलन 2025

राजभाषा सम्मेलन 2025

Rajbhasha Sammelan 2025: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), खान मंत्रालय के तत्वावधान में स्कोप कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़, कुलपति, भारतीय जनसंचार संस्थान ने की। वहीं, सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत मनीष खर, उप महानिदेशक,महानिदेशक शिविर कार्यालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के स्वागत संबोधन से हुई।

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इस अवसर पर न्यूज 24 के चीफ बिजनेस ऑफिसर और समूह संपादक सुशांत मोहन, प्रो. रामेश्वर राय,डॉ.प्रमोद कुमार सिंह, उप महानिदेशक एवं राजभाषा अधिकारी, जीएसआई मुख्यालय, कोलकाता ने भी अपने विचार रखे। उद्घाटन सत्र के दौरान प्रो. सुधीश पचौरी (वरिष्ठ आलोचक एवं मीडिया विश्लेषक) भी उपस्थिति रहे और श्रोताओं को संबोधित किया।

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पहले सत्र में ‘भारत में हिंदी का विकासित होता बाजार’विषय पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के पहले सत्र में ‘भारत में हिंदी का विकासित होता बाजार’विषय पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अवसरों का माध्यम है। वक्ताओं ने कहा कि आज विज्ञापन, डिजिटल मीडिया, मनोरंजन और प्रकाशन जैसे अनेक क्षेत्रों में हिंदी का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है। हिंदी में उपलब्ध सामग्री का बाजार न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी तेजी से फैल रहा है। यह भाषा व्यापार, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है, जिससे हिंदी एक उभरती हुई वैश्विक भाषा के रूप में सामने आ रही है।

ओटीटी और सोशल मीडिया जैसे नए माध्यमों ने हिंदी को नई पीढ़ी के साथ जोड़ा

सम्मेलन के दूसरे सत्र का विषय ‘मीडिया, सिनेमा और हिंदी’ रहा। इस सत्र में वक्ताओं ने यह रेखांकित किया कि मीडिया और सिनेमा हिंदी के प्रसार और लोकप्रियता के सबसे बड़े माध्यम हैं। हिंदी समाचार चैनल, पत्र-पत्रिकाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म जनता तक सूचनाएं सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाते हैं। साथ ही हिंदी फिल्में और धारावाहिक न केवल भारतीय दर्शकों में लोकप्रिय हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हिंदी की पहचान बना रहे हैं। ओटीटी और सोशल मीडिया जैसे नए माध्यमों ने हिंदी को नई पीढ़ी के साथ जोड़ते हुए इसे और अधिक सशक्त और प्रभावी बना दिया है।

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संगीतमय प्रस्तुति रही सम्मेलन का विशेष आकर्षण

सम्मेलन का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध रेडियो जॉकी राहुल माकिन (फीवर 104 एफएम) की संगीतमय प्रस्तुति रही। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन गरिमा शर्मा, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने किया। समापन सत्र में डॉ. मुकेश वर्मा, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी, महानिदेशक शिविर कार्यालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी का आभार व्यक्त किया।

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