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Delhi Ordinance Row: दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस का समर्थन, कही ये बड़ी बात

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर ने दिल्ली सरकार को समर्थन दिया है। अपने एक लेख में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों, खासकर लिए गए फैसलों को गलत ठहराया है। अपने लेख में पूर्व जस्टिस ने कहा कि दिल्ली अध्यादेश मुख्य रूप से दिल्ली […]

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर ने दिल्ली सरकार को समर्थन दिया है। अपने एक लेख में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों, खासकर लिए गए फैसलों को गलत ठहराया है। अपने लेख में पूर्व जस्टिस ने कहा कि दिल्ली अध्यादेश मुख्य रूप से दिल्ली की आप सरकार को नियंत्रित करने के लिए लाया गया था।

अरविंद केजरीवाल ने विरोध जताया

आगे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने अपने लेख में कहा कि आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहले ही बड़े स्तर पर इस मसले पर अपना विरोध जता चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने अपने लेख में स्पष्ट किया है कि किस तरह दिल्ली की आप सरकार केंद्र के मनमाने विधेयक से लड़ रही है।

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दिल्ली प्रशासन के स्वरूप को बदलने वाला

पूर्व जज ने कहा कि दिल्ली अध्यादेश का उद्देश्य दिल्ली के लोगों पर दबाव डालना है। इसी लिए केंद्र सरकार इस बिल को लेकर आई है। पूर्व जज ने आगे कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन अध्यादेश 2023 दिल्ली में प्रशासन के स्वरूप को बदलने वाला है।

वैधता का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय करेगा

पूर्व  जस्टिस ने कहा कि यह संविधान की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। अध्यादेश की संवैधानिक वैधता का निर्णय तो सर्वोच्च न्यायालय मामला सामने आने के बाद करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह 1991 से दिल्ली में प्रचलित प्रशासन के स्वरूप को पलट देगा। बता दें इससे पहले केंद्र के अध्यादेश (ट्रांसफर पोस्टिंग संबंधी) पर वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन भी दिल्ली सरकार को समर्थन दे चुके हैं।

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First published on: Jul 05, 2023 07:47 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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