Delhi Assembly Session 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कल यानी सोमवार से दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। सचदेवा ने कहा कि हमें दिल्ली को विकसित राजधानी बनाना है। उन्होंने बताया कि सोमवार से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र से पहले सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि दिल्ली में जो अधूरे काम हैं, उसे पूरा करना हमारी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने दिल्ली को लूटा है, हमारा काम उनका मुंह बंद कराएगा। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सत्र के पहले दिन विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश की जाएगी।
भाजपा विधायक दल की हुई बैठक
बता दें कि दिल्ली में आज भाजपा विधायक दल की बैठक की गई। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई इस बैठक में विधायकों के साथ सदन की कार्यवाही को लेकर चर्चा हुई। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में यह बैठक की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत मंत्री और विधायक मौजूद रहे। दिल्ली संगठन मंत्री पवन राणा, बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदोलिया, बीजेपी महामंत्री विष्णु मित्तल भी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज सिंह, कपिल मिश्रा, रविंद्र इंद्रराज, आशीष सूद भी शामिल हुए। दरअसल, नियमानुसार यह बैठक दिल्ली सचिवालय में ही होनी चाहिए थी। लेकिन, अभी तक मुख्यमंत्री को इसके लिए कोई कमरा आवंटित न होने के चलते यह बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में की गई। भाजपा प्रदेश कार्यालय पर भाजपा विधायक दल की यह अंतिम बैठक थी। इसके बाद से विधायक दल की बैठक भी नियमानुसार सचिवालय में ही आयोजित की जाएगी।
24 से 27 फरवरी तक चलेगा विधानसभा का सत्र
दिल्ली की 8वीं विधानसभा का सत्र 24 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। विधानसभा के पहले सत्र में परंपरा के अनुसार प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की जाएगी और प्रोटेम स्पीकर नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले उपराज्यपाल द्वारा वरिष्ठ भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई जाएगी। सभी विधायकों के शपथ लेने के बाद विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। फिर विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव होगा, जिसके बाद सरकार द्वारा आम आदमी पार्टी के कार्यकाल के दौरान लंबित कैग (CAG) की रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश की जा जाएगी।
AAP अपना सकती है हमलावर रवैया
इस दौरान सत्ता पक्ष के रूप में भाजपा और पहली बार विपक्ष में बैठने जा रही आम आदमी पार्टी का एक दूसरे से आमना सामना होगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि विपक्षी दल आम आदमी पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा पर शुरुआत में हमलावर रुख अपना सकती है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भाजपा सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं को 2500 रुपये महीना देने का प्रस्ताव पारित न करने के बाद लगातार हमलावर हैं। ऐसे में संभावना है कि आम आदमी पार्टी विधानसभा के पहले सत्र में इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर हमलावर हो सकती है।