बिलासपुर: प्रयास आवासीय विद्यालय के 15 बच्चों ने लहराया सफलता का परचम, जेईई मेन्स में किया शानदार प्रदर्शन
Edited By Gyanendra Sharma

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बिलासपुर: कोनी स्थित बिलासपुर प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर से सफलता का परचम लहराया है। जेईई मेन्स में इस साल यहां के 15 विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें 9 एसटी, 3-3 बच्चे एससी और ओबीसी वर्ग के शामिल हैं। अब ये बच्चे जेईई एडवांस की परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने इस कामयाबी पर बच्चों और स्कूल प्रबंधन को बधाई देते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
प्रयास आवासीय विद्यालय के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार ने बताया कि जेईई मेन्स की परीक्षा 39 बच्चों ने दी थी, जिनमें से 15 बच्चों ने सफलता हासिल की है। इनमें 6 बालिका और 9 बालक शामिल है। उन्होंने बताया कि ये सभी बच्चे राजनांदगांव, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सरगुजा, गरियाबंद जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इन बच्चों के माता-पिता कृषक एवं मध्यमवर्गीय परिवार से है। विभाग द्वारा इन बच्चों को आवासीय सुविधा एवं विशेष कोचिंग प्रदान कर परीक्षा की तैयारी कराई गई है। प्रयास विद्यालय के कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से वाईफाई युक्त स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। इन बच्चों के लिए मोटिवेशन के क्लास के साथ-साथ आठ से दस बच्चों का छोटा-छोटा ग्रुप बनाकर तैयारी कराई गई तथा छुट्यिों के दौरान बच्चों के लिए एकस्ट्रा क्लास लगाई गई।
सप्ताह टेस्ट, मॉक टेस्ट, ऑनलाईन टेस्ट भी कराए गए। बच्चों के लिए टॉपिक वाईस स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया गया। संस्थान में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हुई। राजनांदगांव जिले से सुश्री लिसा ने बताया कि उनके पिता श्री शिवकुमार लहरे खेती-किसानी कर जीवन यापन करते है। सुश्री लिसा ने प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर वातावरण मिलने पर शासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक बच्चों पर पूरा ध्यान देते है। बालोद के ग्राम धनगांव के श्री वेदांशु साहू के पिता भी खेती-किसानी करते है। उन्होंने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयारी करवाने के कारण ही उन्होंने यह परीक्षा क्वालीफाई की है। राज्य शासन के प्रति आभार जताते हुए वे कहते हैं कि सरकार की संवेदनशीलता के चलते ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए इतनी प्रतिष्ठित क्वालीफाई कर पाना संभव हो पाया है।
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गौरतलब है कि स्व. राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय योजना छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के द्वारा प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्र, आदिवासी उपयोजना क्षेत्र, नक्सल पीड़ित/प्रभावित क्षेत्रों में स्थित शालाओं में अध्ययनरत प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12 वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए सघन तैयारी कराई जाती है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में दाखिला राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है।
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