Weather Notification: मौसम विभाग ने आज इन 19 जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया, यहां बारिश की संभावना

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Bihar Weather Notification: सावन का महीना चल रहा है और कब कहां बारिश हो जाए, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है। एक तरफ धूप तो दूसरी तरफ तेज बारिश। इससे नौकरीपेशा वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब ऐसे में मौसम विभाग ने बुधवार के लिए 19 जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार जताए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 अगस्त तक भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। हालांकि, बिहार के 19 जिलों में वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, बिहार में बाढ़ का भी खतरा मंडरा रहा है।

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इन जिलों में अलर्ट जारी

पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को बताया, ‘सीतामढी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई जिलों में कई स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना रहेगी। इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।’ बताया गया कि बुधवार को पूरे राज्य में बादल छाए रहेंगे।

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उत्तर, पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। साथ ही राजधानी पटना में भी मौसम बिगड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 17 अगस्त के बाद राज्य में बारिश संबंधी गतिविधियां फिर से बढ़ सकती हैं।

बाढ़ का खतरा

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद कोसी बैराज से 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद, बिहार सरकार ने उत्तर बिहार के जिलों में बाढ़ के लिए अलर्ट जारी किया। राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मीडियाकर्मियों को बताया, ‘आखिरी बार हमने बैराज से पानी का अधिक डिस्चार्ज 1989 में देखा था, जब 4.72 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जैसा कि पूर्वोत्तर बिहार के कोसी इलाकों में हमेशा होता है, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण ऐसा हुआ है।’

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मंत्री ने कहा कि रविवार देर रात सुपौल जिले के बीरपुर में कोसी बैराज से 4.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यह लगभग तीन दशकों में एक दिन में सबसे अधिक है। झा ने सहरसा और खगड़िया समेत आसपास के इलाकों को लेकर चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी और इंजीनियर अलर्ट पर हैं और तटबंधों पर चौबीसों घंटे गश्त की जा रही है। लोग टोल-फ्री नंबर डायल करके हमारे कॉल सेंटर के माध्यम से भी हमसे संपर्क कर सकते हैं।

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