Seat Sharing Formula For RJD and JDU for Lok Sabha Election 2024 : विपक्षी गठबंधन INDIA के दो बड़े भागीदार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं। 40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में ये दोनों दल 16-16 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, छह सीटें कांग्रेस को और दो वाम दलों को दी जा सकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार राजद और जदयू के लिए एक सीट की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। इसे लेकर राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मुलाकात की थी।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों के बीच क्या चर्चा हुई लेकिन सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी ने सीट बंटवारे को लेकर अपने पिता लालू प्रसाद यादव का फॉर्मूला नीतीश को बताया।
लालू ने दिया बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का फॉर्मूला
लालू का यह फॉर्मूला दोनों पार्टियों के लिए बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का है। लालू ही 2015 के विधानसभा चुनाव में यह फॉर्मूला लाए थे जब इन दोनों दलों ने 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 43 सीटें कांग्रेस को दी गई थीं।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि 2019 के आम चुनाव में जदयू ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तब यह पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा हुआ करती थी।
सीट बंटवारे को लेकर नीतीश कुमार को सख्त रुख वाला नेता माना जाता है। ऐसा 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव समेत 2019 के लोकसभा चुनाव में भी देखा गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस बार फिर 17 सीटों पर ही चुनाव लड़ना चाहेंगे।
छह से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती कांग्रेस
ऐसी स्थिति बनने पर वाम दलों को दी जाने वाली दो सीटों में से एक जदयू को दी जा सकती है क्योंकि कांग्रेस छह से कम सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं चाहती है। पिछले चुनाव में जदयू ने 16 सीटों पर जीत हासिल की थी।
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बिहार की 17 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और सभी पर जीत दर्ज की थी। लोक जनशक्ति पार्टी छह सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सभी छह सीटें उसने अपने नाम की थीं। वहीं, किशनगंज की सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी।
आगामी चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन की चौथी बैठक के बाद इसके नेताओं ने तय किया है कि वह तीन सप्ताह के अंदर सीट बंटवारे के फॉर्मूला को अंतिम रूप दे देंगे।