Bihar Floor Test : झारखंड के बाद अब बिहार में फ्लोर टेस्ट की बारी है। इससे पहले राज्य की सभी पार्टियां अलग-अलग शक्ति परीक्षण कर रही हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट करने की कवायद में जुट गए हैं। विधानसभा में 12 फरवरी को विश्वास मत हासिल करने से पहले सीपीआई माले के विधायक महबूब आलम ने जीतन राम मांझी से मुलाकात की। इसे लेकर राजनीतिक हचलच तेज हो गई है।
बिहार में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकार है। एनडीए को समर्थन देने का दावा कर रहे मांझी कब कौन सा खेल कर देंगे, ये किसी को पता नहीं है। इस बीच मांझी और सीपीआई माले विधायक की मुलाकात ने एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। नीतीश सरकार को डर है कि कहीं मांझी मौके पर पाला न बदल लें।
जीतन राम मांझी ने बताया- क्यों मिलने आए थे माले के विधायक
माले विधायक से मुलाकात के बाद जीतन राम मांझी ने खुलासा किया कि वे उनसे क्यों मिलने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि वो किसी को आने और मिलने से मना तो नहीं कर सकते हैं, लेकिन मैंने उन्हें जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि वो एनडीए के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। इसे लेकर किसी को कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए।
पुराने जमींदार से नए जमींदार खतरनाक हैं : पूर्व मुख्यमंत्री
जीतन राम मांझी ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि पुराने जमींदार से नए जमींदार खतरनाक हैं, इसलिए उन्हें पनपने नहीं दिया जाएगा। वहीं, पटना और बोधगया में बीजेपी और जेडीयू के विधायकों को तलब किया गया है। फ्लोर टेस्ट से पहले की ये तैयारी चल रही है। वहीं, आरजेडी की बैठक में दो विधायक नहीं पहुंचे, जिसमें मोकामा से विधायक एवं बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह और बोधगया से विधायक कुमार सर्वजीत शामिल हैं।