Bihar Cabinet Expansion (सौरभ कुमार, पटना) : बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोटे से 7 नेता मंत्री बनाए गए हैं, लेकिन जेडीयू कोटे से कोई भी नेता मंत्री नहीं बनाया गया। अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि नए मंत्रियों को एडजस्ट करने के लिए किन मंत्रियों के पर कतरे जाएंगे?
बीजेपी के नए मंत्रियों के लिए जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने हिस्से के विभागों को नहीं छोड़ेगा। बीजेपी को अपने हिस्से के विभागों में ही नए मंत्रियों को एडजस्ट करना पड़ेगा। इसे लेकर डिप्टी सीएम समेत बीजेपी के मंत्रियों से विभाग लिए जाएंगे। नीतीश के मंत्रिमंडल में बीजेपी से संजय सरावगी, सुनील कुमार, जीवेश कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल और कृष्ण कुमार मंटू शामिल किए गए हैं।
डिप्टी सीएम समेत बीजेपी के मंत्रियों के कतरे जाएंगे पर
अब सवाल ये उठ रहा है कि बीजेपी अपने सात मंत्रियों को एडजस्ट कहां करेगी? उनके एडजस्टमेंट के लिए सरकार में पहले से शामिल मंत्रियों के विभागों में ही फेरबदल करना होगा। इसका मतलब ये है कि कई मौजूदा मंत्रियों के पर कतरे जाएंगे। एक साथ कई विभागों का काम देख रहे बीजेपी के मंत्रियों को सिर्फ एक विभाग का ही काम देखना होगा।
ऐसे होगा मंत्रियों का एडजस्टमेंट
सरकार में मंत्री रहे डॉ. दिलीप जायसवाल ने एक व्यक्ति-एक पद के फार्मूले के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। लिहाजा, उनके जिम्मे का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग खाली हो गया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के पास तीन विभाग हैं, जिनमें पथ निर्माण, खनन और कला-संस्कृति विभाग शामिल हैं। उनसे दो विभाग लिए जा सकते हैं। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, विजय कुमार सिन्हा के पास सिर्फ पथ निर्माण विभाग रहेगा।
बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय दो विभाग कृषि और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनसे कृषि विभाग वापस ले लिया जाएगा। बीजेपी के एक और मंत्री प्रेम कुमार के पास सहाकारिता के साथ वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग हैं। उनसे वन, पर्यावरण विभाग वापस लिए जाने की खबर है।