India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इस मैच में भारत के ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कमाल की पारी खेली है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक यशस्वी सिर्फ 70 गेंदों में 76 रन बनाकर नाबाद खेल रहे थे। इंग्लैंड ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 10 विकेट के नुकसान पर 246 रन बनाया था। इसके जवाब में भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी और पहले दिन का खेल खत्म होने तक सिर्फ एक विकेट गवाकर 119 रन बना दिए थे। मैच के पहले दिन इंग्लैंड की टीम ने बड़ी गलती कर दी। मैदान स्पिनर गेंदबाजों के लिए काफी मददगार है, लेकिन फिर भी इंग्लैंड ने जो रूट को गेंदबाजी करने के लिए नहीं बुलाया।
इंग्लैंड ने पहले दिन क्या गलती की
भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर अनिल कुंबले ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद विरोधी टीम को एक सलाह दी थी। कुंबले ने कहा था कि इंग्लैंड के कप्तान से गलती हुई है। पिच की कंडीशन को देखते हुए जो रूट को गेंदबाजी के लिए बुलाना चाहिए था। अगर रूट स्पिन करने के लिए आते तो भारत को जरूर झटका दे सकते थे, लेकिन इंग्लैंड ने ऐसा वहीं किया, इसके कारण से यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की जोड़ी नहीं टूटी। इसके बाद जब दूसरे दिन का खेल शुरू हुआ, इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने शुरुआत में ही जो रूट को गेंद सौंप दिए।
इंग्लैंड ने सुधारी अपनी गलती
जो रूट जैसे ही गेंदबाजी करने आए कि भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल कॉटन बोल्ड हो गए। रूट ने 24वें ओवर की चौथी ही गेंद पर यशस्वी को गेंद डाली और खुद से कैच लपक के बल्लेबाज को चलता कर दिया। इस तरह जायसवाल शतक से चूक गए और सिर्फ 80 के स्कोर पर पवेलियन लौटना पड़ा। जो गलती इंग्लैंड ने पहले दिन की थी, दूसरे दिन इंग्लिश टीम ने उस गलती को नहीं दोहराई। ऐसा लगता है कि इंग्लैंड के कप्तान ने कुंबले की सलाह मानी और रूट को गेंदबाजी के लिए बुलाया। रूट ने भी आते ही अपना काम कर दिया।