Border Gavaskar Trophy 2024-25: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवंबर से पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज की शुरुआत हो रही है। सीरीज का पहला मैच पर्थ के ओप्टस स्टेडियम में खेला जाना है। दोनों ही टीमें इस मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऑप्टस स्टेडियम में टॉस का बहुत महत्व रहा है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो यहां टॉस जीतने वाली टीम ने अब तक इस स्टेडियम में खेले गए सभी चार मैचों में जीत हासिल की है। एक तरह से देखा जाए तो जो टीम यहां टॉस जीतेगी, वो काफी हद तक मैच भी अपने नाम कर लेगी।
इसको देखते हुए पर्थ में जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वो पहले बैटिंग करना चाहेगा। ऑप्टस स्टेडियम में अब तक खेले गए मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर 456 है। इसके अलावा टीमों ने चार मैचों में केवल एक बार चौथी पारी में 200 से अधिक रन बनाए हैं, जो पिच की दशा को दर्शाता है। चौथी पारी में अब तक ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन ने सबसे ज्यादा 17 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है।
ओप्टस स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
पर्थ की पिच अपनी स्पीड और उछाल के लिए जाना जाती है। हालांकि ऑप्टस स्टेडियम में ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे मैदान से दूर तैयार किया जाता है और बाद में स्क्वायर में लगाया जाता है। इससे विकेट के नेचर में बदलाव देखने को मिलता है। वाका में स्पिनरों ने 44 मैचों में 44 की औसत से 229 विकेट लिए। वहीं नए पर्थ स्टेडियम में स्पिनरों ने 33 की औसत से 37 विकेट झटके हैं।
ओप्टस में तेज गेंदबाजों ने बिखेरा है जलवा
स्पिनरों को थोड़ी मदद मिलने के बावजूद पर्थ स्टेडियम में तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है। इस स्टेडियम में अब तक तेज गेंदबाज ने 29.71 की औसत से 102 विकेट लिए हैं। यहां कप्तान तेज गेंदबाजों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इस स्टेडियम में अब तक स्पिनरों ने 393 ओवर फेंके हैं, जबकि तेज गेंदबाजों ने 1014 ओवरों की गेंदबाजी की है।