Farooq Hameed Died:पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पूर्व टेस्ट क्रिकेटर फारूक हमीद के 80 साल की उम्र में निधन पर शोक व्यक्त किया है। वह पाकिस्तान के टेस्ट कैप नंबर 48 थे और उन्होंने दिसंबर 1964 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला था। इस मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का विकेट लिया था।
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज फारूक हमीद ने 1961-62 से 1969-70 तक 43 प्रथम श्रेणी मैच खेले। उन्होंने 25.21 की औसत से कुल 111 विकेट लिए, जिसमें तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है।
कुछ ऐसा रहा है करियर
लंबे कद के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज फारूक हामिद ने 1961-62 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और 1963 में पाकिस्तान ईगल्स के साथ इंग्लैंड का दौरा किया। 1963-64 में उन्होंने कॉमनवेल्थ XI के खिलाफ पाकिस्तान के लिए दो मैच खेले। उस समय अल्फ गोवर ने उन्हें दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक माना, लेकिन उनकी गेंदबाजी में सटीकता की कमी बताई।
The PCB expresses its condolences on the passing of former Test fast bowler Farooq Hameed. He represented Pakistan in one Test match at the MCG against Australia in 1964. He took 111 wickets in 43 matches during his first-class career spanning from 1961/62 to 1969/70. pic.twitter.com/f3WRboib11
— Pakistan Cricket (@TheRealPCB) April 3, 2025
फारूक हामिद ने 1964-65 में पाकिस्तान टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया, जहां उन्होंने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला। इस मैच में उन्होंने इयान चैपल का विकेट लिया, जो खुद भी अपना पहला टेस्ट खेल रहे थे। उन्होंने 1969-70 तक पाकिस्तान में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना जारी रखा। लेकिन जब उन्हें अपने देश के लिए खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिले तो उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
फारूक हामिद की सर्वश्रेष्ठ प्रथम श्रेणी गेंदबाजी 1964-65 में वेलिंगटन के खिलाफ आई। इस मैच में उन्होंने बिना किसी बदलाव के लगातार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 16 रन देकर 7 विकेट झटके और वेलिंगटन की टीम को महज 53 रन पर ऑलआउट कर दिया। 1967-68 में पेशावर के खिलाफ पीआईए (Pakistan International Airlines) की ओर से खेलते हुए भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने पहली पारी में 30 रन देकर 5 विकेट और दूसरी पारी में 20 रन देकर 5 विकेट लिए।
फारूक हामिद के चचेरे भाई खालिद अज़ीज ने भी पाकिस्तान में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और बाद में टेस्ट अंपायर बने। उनकी बहन ताहिरा हामिद ने 1978 में पाकिस्तान महिला क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना में मदद की और वह इसकी पहली सचिव भी रहीं।